काशी में आस्था से जुड़ा मुद्दा, मणिकर्णिका घाट पर नुकसान के आरोप, संजय सिंह ने उठाई कार्रवाई की मांग

Manikarnika Ghat: आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने कहा है कि मां गंगा के तट पर मौजूद कुछ मंदिरों, शिवालयों और धर्मनिष्ठ शासिका अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा को क्षति पहुंचाई गई है.

Manikarnika Ghat: आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने कहा है कि मां गंगा के तट पर मौजूद कुछ मंदिरों, शिवालयों और धर्मनिष्ठ शासिका अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा को क्षति पहुंचाई गई है.

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Yashodhan Sharma
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Sanjay Singh on Manikarnika

Sanjay Singh on Manikarnika Photograph: (File Photo)

Manikarnika Ghat: काशी को आस्था और परंपरा की नगरी माना जाता है. यहां का हर घाट, हर मंदिर और हर गली धार्मिक विश्वास से जुड़ी हुई है. इसी काशी से जुड़ा एक मामला इन दिनों चर्चा में है, जहां मणिकर्णिका घाट पर स्थित मंदिरों और धार्मिक प्रतीकों को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं.

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करोड़ों की आस्था से जुड़ा है विषय

आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने कहा है कि मां गंगा के तट पर मौजूद कुछ मंदिरों, शिवालयों और धर्मनिष्ठ शासिका अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा को क्षति पहुंचाई गई है. उनके मुताबिक यह केवल इमारतों का नुकसान नहीं है, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा विषय है. संजय सिंह ने यह मुद्दा सार्वजनिक रूप से उठाया और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की.

कितना खास है मणिकर्णिका घाट

संजय सिंह का कहना है कि मणिकर्णिका घाट हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है. इस घाट का निर्माण 18वीं शताब्दी में अहिल्याबाई होलकर ने कराया था. मान्यता है कि यहां अंतिम संस्कार करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है. ऐसे पवित्र स्थान पर तोड़फोड़ के आरोप सामने आने के बाद साधु-संतों, स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में नाराजगी देखी गई.

इस तरह की कार्रवाईयों से नहीं लगता डर 

AAP नेता ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने इस पूरे मामले को सामने रखा, तो दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय उनके खिलाफ ही एफआईआर दर्ज कर दी गई. संजय सिंह ने साफ कहा कि वे इस तरह की कार्रवाइयों से डरने वाले नहीं हैं. उनका कहना है कि अगर मंदिरों या धार्मिक प्रतीकों को नुकसान होता है, तो चुप रहना सही नहीं है.

सीएम योगी से की निष्पक्ष जांच की मांग

संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए. उनका कहना है कि आस्था, इतिहास और विश्वास से जुड़े मुद्दों को दबाया नहीं जाना चाहिए.

क्या रही प्रशासन की प्रतिक्रिया

यूपी पुलिस ने मणिकर्णका घाट मेकओवर प्रोजेक्ट के कथित 'फर्जी या एआई वीडियो' पोस्ट करने के मामले में 8 लोगों पर एफआईआर दर्ज की है. यदि वीडियो और तस्वीरें वास्तव में फर्जी या एआई द्वारा बनाई गई थीं, तो पुलिस को पहले जमीनी हकीकत दिखाकर उसका खंडन (debunk) करना चाहिए था और उसके बाद ही सभी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए थी.

क्या बोले सीएम योगी

वहीं इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'कांग्रेस पार्टी द्वारा एआई (AI) जनित वीडियो के माध्यम से फैलाया जा रहा भ्रामक प्रचार अपने आप में एक आपराधिक कृत्य है. वे जनता को गुमराह करने और सनातन धर्म के अनुयायियों की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने का प्रयास कर रहे हैं.

इस योजना के तहत घाटों का पुनर्निर्माण बाद में किया जाना है और सभी मंदिर सुरक्षित रहेंगे. कांग्रेस पार्टी और उसके सहयोगियों का यह दुष्प्रचार और बाधाकारी व्यवहार काशी के विकास में रोड़ा बन गया है और शहर की विरासत का अपमान है. इस प्रकार का आचरण जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने जैसा है और यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है.'

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