अमेरिका जाने से पहले जयशंकर की अहम मीटिंग, अमेरिकी राजदूत बोले- 'डिफेंस में दिखेगा दम'

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने अपने आगामी अमेरिका दौरे से ठीक पहले भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की. दिल्ली में हुई इस मुलाकात में दोनों देशों के बीच की गहरी साझेदारी और आने वाले समय के बड़े प्रोजेक्ट्स पर बात हुई.

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने अपने आगामी अमेरिका दौरे से ठीक पहले भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की. दिल्ली में हुई इस मुलाकात में दोनों देशों के बीच की गहरी साझेदारी और आने वाले समय के बड़े प्रोजेक्ट्स पर बात हुई.

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Ravi Prashant
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Sergio Gor and jaishankar

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और भारत में अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर Photograph: (X/@DrSJaishankar)

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और भारत में अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर के बीच दिल्ली में एक अहम मुलाकात हुई. जयशंकर के अमेरिका दौरे से ठीक पहले हुई इस मीटिंग में दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करने पर चर्चा की गई. मुलाकात के बाद डॉ. एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा की.

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उन्होंने बताया कि सर्जियो गोर के साथ उनकी बातचीत बहुत अच्छी रही और इसमें भारत-अमेरिका पार्टनरशिप के कई पहलुओं पर बात हुई. जयशंकर ने भरोसा जताया कि गोर के राजदूत बनने से दोनों देशों के रिश्ते नई ऊंचाइयों पर पहुंचेंगे.

किन मुद्दों पर हुई चर्चा?

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी इस मीटिंग को काफी 'सीरियस' और 'काम का' बताया. उन्होंने बताया कि बातचीत सिर्फ हाथ मिलाने तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसमें डिफेंस, ट्रेड और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे जरूरी मुद्दों पर डिटेल में चर्चा हुई. गोर ने कहा कि दोनों देश अपने कॉमन इंटरेस्ट यानी साझा हितों के लिए मिलकर काम कर रहे हैं. 

जयशंकर का वाशिंगटन दौरा

यह मुलाकात इसलिए भी जरूरी है क्योंकि डॉ. जयशंकर अगले हफ्ते वाशिंगटन डीसी जा रहे हैं. फरवरी की शुरुआत में होने वाले इस दौरे में वह एक बड़ी मीटिंग में हिस्सा लेंगे. 4 फरवरी को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो एक खास 'क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल' होस्ट कर रहे हैं, जिसमें जयशंकर भारत की तरफ से शामिल होंगे.

कौन हैं सर्जियो गोर?

सर्जियो गोर ने इसी साल 12 जनवरी को भारत में अमेरिका के 27वें राजदूत के रूप में कमान संभाली है. भारत आने से पहले वह व्हाइट हाउस में काफी ऊंचे पदों पर रहे हैं. वह अमेरिकी राष्ट्रपति के असिस्टेंट और 'डायरेक्टर ऑफ प्रेसिडेंशियल पर्सनल' के तौर पर काम कर चुके हैं, जिससे उनके अनुभव का फायदा भारत-अमेरिका के रिश्तों को मिलेगा. 

10 साल का डिफेंस समझौता

रक्षा के क्षेत्र में दोनों देशों की नजदीकी बढ़ रही है. गोर ने याद दिलाया कि पिछले साल भारत और अमेरिका ने एक 10 साल का डिफेंस पैक्ट साइन किया था. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में दोनों देशों के बीच जॉइंट मिलिट्री एक्सरसाइज जारी रहेंगी और हथियारों की खरीद-बिक्री को लेकर भी बातचीत आगे बढ़ रही है. 

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