'भारत बातचीत से समाधान को निकालने के पक्ष में खड़ा ', जयशंकर बोले- ईरान में हमारी एंबेसी से छात्रों को मदद मिल रही

ईरान में हालात बद से बदतर हो गए हैं. यहां पर रह रहे भारतीयों पर संकट के बादल छाए हुए हैं. राज्सभा में विदेश मंत्री जयशंकर ने यहां पर बन रहे हालात का ब्योरा दिया है.

ईरान में हालात बद से बदतर हो गए हैं. यहां पर रह रहे भारतीयों पर संकट के बादल छाए हुए हैं. राज्सभा में विदेश मंत्री जयशंकर ने यहां पर बन रहे हालात का ब्योरा दिया है.

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Mohit Saxena
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s jaishankar (ANI)

ईरान में हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं. यहां पर रह रहे भारतीय पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. राज्यसभा में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने स्थिति का ब्योरा दिया है. उन्होंने बताया कि हमारी एंबेसी सक्रिय है. वह सभी से संपर्क साधने की कोशिश कर रही है. छात्रों को एंबेसी से मदद मिल रही है. जयशंकर ने कहा कि उन्होंने पहले ही यहां पर रह रहे नागरिकों को आगाह किया था कि समय रहते ईरान को छोड़ दें. अब मुसीबत की इस घड़ी में सभी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर हमारी एंबेसी पूरी तरह से सक्रिय हैं.

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खाड़ी के अन्य देशों कतर, ओमान, यूएई, साउदी अरब समेत सभी देशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर बातचीत का दौर जारी है. पीएम मोदी खुद गल्फ देशों से बातचीत कर रहे हैं. जयशंकर ने युद्ध को लेकर भारत का पक्ष रखते हुए कहा, 'हम शांति के पक्ष में हैं'. भारत बातचीत से समाधान को निकालने के पक्ष में खड़ा है.

ईरान के विदेश मंत्री से बातचीत की थी

जयशंकर ने कहा, "मैंने ईरान के विदेश मंत्री से 28 फरवरी और पांच मार्च को बातचीत की थी. ईरान के तीन जहाज हिंद महासागर में मौजूद थे. हमने एक जहाज को ईरान के निवेदन पर डॉकिंग की इजाजत दी और शरण दे दी. इसके लिए ईरान ने आभार भी जताया है. ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने को लेकर हम सतर्क हैं."

विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, "कल तक हमारे करीब 67 हजार नागरिक वापस लौटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर चुके हैं. पश्चिम एशिया से हमारे लोगों को वापस लाने को लेकर हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।"

गंभीर व्यवधान और अस्थिरता का माहौल 

पश्चिम एशिया के हालात पर विदेश मंत्री डॉ.एस.जयशंकर ने कहा, "यह निरंतर संघर्ष भारत के लिए विशेष चिंता का विषय है. हम एक पड़ोसी क्षेत्र हैं और पश्चिम एशिया की स्थिरता हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है. खाड़ी देशों में एक करोड़ भारतीय रहते हैं और काम करते हैं. ईरान में भी कुछ हजार भारतीय अध्ययन या रोजगार के लिए हैं. ये देश तेल और गैस के महत्वपूर्ण आपूर्तिकर्ता हैं. आपूर्ति श्रृंखला में गंभीर व्यवधान और अस्थिरता का माहौल गंभीर मुद्दे हैं."

सिर्फ अराजकता फैलाने में रुचि है: नड्डा

इस बीच राज्यसभा में पश्चिम एशिया पर विदेश मंत्री के बयान के दौरान विपक्षी सांसदों की ओर से किए हंगामे की निंदा करते हुए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, "बड़े दुख के साथ मैं कह रहा हूं कि विपक्ष का व्यवहार बेहद गैरजिम्मेदाराना और निंदनीय है. उन्हें देश या बहस में कोई दिलचस्पी नहीं है, बल्कि सिर्फ अराजकता फैलाने में रुचि है."

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