'CRPF के बिना नहीं की जा सकती देश की आंतरिक सुरक्षा की कल्पना', गुवाहाटी में बोले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह

Amit Shah News: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को गुवाहाटी में सीआरपीएफ के 86वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ के बिना देश की आंतरिक सुरक्षा की कल्पना नहीं की जा सकती.

Amit Shah News: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को गुवाहाटी में सीआरपीएफ के 86वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ के बिना देश की आंतरिक सुरक्षा की कल्पना नहीं की जा सकती.

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Suhel Khan
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Amit Shah in Guwahati

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह Photograph: (DD)

Amit Shah News: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को असम के गुवाहाटी में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 87वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए. इस दौरान गृह मंत्री के साथ असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा भी मौजूद रहे. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सभा संबोधित किया. अमित शाह ने कहा कि सीआरपीएफ 86 साल से अपने उत्कृष्ठ प्रदर्शन, शौर्य, धैर्य, वीरता और बलिदान के साथ देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत कर रही है.

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'CRPF के बिना देश की आंतरिक सुरक्षा की नहीं की जा सकती कल्पना'

उन्होंने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा की कल्पना सीआरपीएफ के बिना नहीं की जा सकती. उन्होंने कहा कि 86 साल में सीआरपीएफ ने इस देश की आंतरिक सुरक्षा का मजबूत स्तंभ अपनी कर्तव्य परायणता के कारण बनकर परफॉर्म भी किया है और परिणाम भी दिए हैं. उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में 2270 जवान अपना सर्वोच्च बलिदान दे चुके हैं. गृह मंत्री ने सभी जवानों के नमन करते हुए कहा कि उनकी कर्तव्य परायणता और बलिदानी जज्बे के कारण ही कई मौकों पर देश को बचाने का काम देश को सुरक्षित करने का काम सीआरपीएफ के जवानों ने किया है.

आंतरिक सुरक्षा के लिए नासूर बन गए थे ये इलाके

गृह मंत्री ने आगे कहा कि, 11-12 साल पहले इस देश में तीन बड़े हॉट स्पॉट थे, जो देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए नासूर बनकर उभरे थे, जम्मू-कश्मीर, वामपंथी उग्रवाद-माओवादी क्षेत्र और हमारा उत्तर पूर्व. अब आज स्थानों पर हमें शांति स्थापित करने में सफलता मिली है और ये तीनों क्षेत्र एक जमाने में बम धमाके, गोलियां, बंद, ब्लॉकेज और विनाश का दृश्य बनते थे, वहीं तीनों क्षेत्र आज देश के विकास का ग्रोथ इंजन बनकर समग्र देश को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं.

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गृह मंत्री ने बताया सीआरपीएफ के कितने जवानों ने दिया बलिदान

गृह मंत्री शाह ने कहा कि, ये हमारे लिए बहुत आनंद और गर्व का विषय है. शाह ने कहा कि मैं देश की जनता को ये भी याद दिलाना चाहता हूं कि तीनों क्षेत्र को शांत करने में. अगर मैं पूर्वोत्तर की बात करूं तो यहां 700 सीआरपीएफ के जवानों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है. उसके कारण अब पूर्वोत्तर में शांति है. नक्सलवादी क्षेत्र में 780 जवानों ने अपना बलियान दिया, जम्मू-कश्मीर में लगभग 540 जवानों ने अपना बलिदान दिया और बाकी पूरे देश में ढाई सौ से ज्यादा जवानों ने अलग-अलग स्थानों पर अपना बलिदान दिया है. शाह ने कहा कि, 'इन बलिदानियों के बगैर इन तीनों हॉट स्पॉट को आज विकास के रास्ते पर ले जाना असंभव होता. अगर सिर्फ असम की बात करूं तो 79 जवानों ने शांति स्थापित करने के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है.' 

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