मध्य पूर्व में जारी जंग के बीच मोदी सरकार का बड़ा फैसला, रूस से 5 और S-400 एयर डिफेंस सिस्टम खरीदेगा भारत

S-400 Air Defence Systems: भारतीय वायु सेना के रूस से 5 और एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है. ये कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब मध्य पूर्व में महाजंग चल रही है.

S-400 Air Defence Systems: भारतीय वायु सेना के रूस से 5 और एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है. ये कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब मध्य पूर्व में महाजंग चल रही है.

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Suhel Khan
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S-400 Air Defence System

रूस से 5 S-400 एयर डिफेंस सिस्टम खरीद के IAF के प्रस्ताव को मिली मंजूरी Photograph: (X@RT_India_news)

S-400 Air Defence Systems: मध्य पूर्व में चल रही जंग के बीच मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. दरअसल, भारत रूस से पांच और एस-400 डिफेंस सिस्टम खरीदने जा रहा है. जो ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुश्मन के हर हमले को नाकाम कर चुका है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रक्षा खरीद बोर्ड (DPB) ने सोमवार को भारतीय वायु सेना (IAF) के रूस से पांच और एस-400 वायु रक्षा प्रणाली खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब पश्चिम एशिया में बैलिस्टिक मिसाइलों और आत्मघाती ड्रोन हमले हो रहे हैं.

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भारतीय वायु सेना के प्रस्ताव को मिली मंजूरी

रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की अध्यक्षता वाले बोर्ड ने भारतीय वायु सेना के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है, जो अब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) के पास आवश्यकता की स्वीकृति (SON) के लिए जाएगा. डीएसी द्वारा एओएन (AoN) दिए जाने के बाद ही लागत वार्ता समिति का गठन किया जाएगा, जो नई खरीद की कीमत तय करेगी. इसके बाद वित्त मंत्रालय के माध्यम से कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) द्वारा इस मामले को अंतिम मंजूरी दी जाएगी.

लगातार अपनी ताकत बढ़ा रहा भारत

भारत लगातार अपनी ताकत में इजाफा कर रहा है. जिससे भारतीय सीमाओं को और सुरक्षित किया जा सके और दुश्मन हर मंसूबे को नाकाम कर सके. सूत्रों के मुताबिक, रक्षा मंत्रालय अब भारतीय वायु सेना और भारतीय सेना के 13 रूसी पैंटसिर एस-1 स्व-चालित मिसाइल प्रणालियों की खरीद के प्रस्ताव का इंतजार कर रहा है, जो मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों, लघु दूरी के रॉकेटों और आत्मघाती ड्रोनों का मुकाबला कर सकती हैं.

इनमें से 10 पैंटसिर प्रणालियां भारतीय वायु सेना द्वारा खरीदी जाएंगी, ताकि भारतीय सशस्त्र बलों के पास मौजूद 10 S-400 प्रणालियों की सुरक्षा की जा सके, जबकि तीन सेना द्वारा खरीदी जाएंगी ताकि सीमाओं पर क्रूज मिसाइलों, हमलावर हेलीकॉप्टरों, मंडराने वाले गोला-बारूद, सशस्त्र ड्रोनों, रॉकेटों और लघु दूरी की मिसाइलों का मुकाबला किया जा सके.

भारत के पास कितने हैं S-400 एयर डिफेंस सिस्टम

बता दें कि भारत के पास वर्तमान में तीन S-400 एयर डिफेंस सिस्टम हैं. इस साल दो और एयर डिफेंस सिस्टम भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल होने की उम्मीद है. एस-400 प्रणाली ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सराहनीय प्रदर्शन किया. जिन्होंने पाकिस्तानी लड़ाकू विमान, हवाई चेतावनी विमान और इलेक्ट्रॉनिक खुफिया विमानों को बीते साल भारतीय वायु क्षेत्र में आने से रोक दिया.

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान के हवाई अड्डों, वायु रक्षा रडारों और कमांड कंट्रोल सिस्टम को तबाह कर दिया था. बता दें कि 10 मई, 2025 की सुबह तड़के, भारतीय ब्रह्मोस हमले में रावलपिंडी के चकलाल एयरबेस पर पाकिस्तानी वायु सेना (PAF) के उत्तरी कमान और नियंत्रण नेटवर्क को नष्ट कर दिया गया. इसके तुरंत बाद पाकिस्तान ने शांति की अपील की.

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