मेट्रो और रैपिड रेल में क्या है अंतर? जानें कौन सी ट्रेन आपके सफर के लिए है बेस्ट

भारत में मेट्रो और नमो भारत (रैपिड रेल) दोनों ही सफर के नए और आधुनिक तरीके हैं. जहाँ मेट्रो शहर के भीतर कम दूरी के लिए बनाई गई है, वहीं रैपिड रेल दो शहरों के बीच तेज़ रफ़्तार से सफर तय करने के लिए है. दोनों की सुविधाओं और रफ़्तार में काफी अंतर है

भारत में मेट्रो और नमो भारत (रैपिड रेल) दोनों ही सफर के नए और आधुनिक तरीके हैं. जहाँ मेट्रो शहर के भीतर कम दूरी के लिए बनाई गई है, वहीं रैपिड रेल दो शहरों के बीच तेज़ रफ़्तार से सफर तय करने के लिए है. दोनों की सुविधाओं और रफ़्तार में काफी अंतर है

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Ravi Prashant
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difference between metro and rapid rail

मेट्रो और रैपिड रेल में क्या है अंतर? Photograph: (x/ani)

भारत में आजकल रेल सफर की तस्वीर बदल रही है. शहरों में मेट्रो के जाल के बाद अब 'नमो भारत' जैसी रैपिड रेल पटरियों पर दौड़ने लगी है. पहली बार देखने में ये दोनों ट्रेनें भले ही एक जैसी लगें, लेकिन इनके काम करने का तरीका और मकसद पूरी तरह अलग है.

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1. रफ़्तार का बड़ा अंतर

मेट्रो ट्रेनें मुख्य रूप से शहर के अंदर चलती हैं और इनकी रफ़्तार आमतौर पर 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा होती है. वहीं, नमो भारत जैसी रैपिड रेल (RRTS) सेमी-हाई-स्पीड ट्रेनें हैं, जो 160 से 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से दौड़ सकती हैं.

2. सफर की दूरी और स्टेशन

मेट्रो का इस्तेमाल शहर के भीतर छोटी दूरियों के लिए किया जाता है, जहाँ स्टेशन बहुत पास-पास (लगभग हर 1-2 किलोमीटर पर) होते हैं. इसके उलट, रैपिड रेल दो अलग-अलग शहरों (जैसे दिल्ली और मेरठ) को जोड़ने के लिए है. ये ट्रेनें 100 से 250 किलोमीटर तक का सफर तय करती हैं और इनके स्टेशन मेट्रो के मुकाबले काफी दूर-दूर होते हैं.

3. बैठने और खड़े होने की जगह

मेट्रो में खड़े होकर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए ज्यादा जगह होती है क्योंकि यहाँ लोग कम समय के लिए सवार होते हैं. लेकिन रैपिड रेल में लंबी दूरी का सफर होने की वजह से बैठने पर ज्यादा ध्यान दिया गया है. इसमें आरामदेह 'रिक्लाइनिंग' सीटें होती हैं जिन्हें आप पीछे झुका सकते हैं.

4. कोच और प्रीमियम सुविधाएं

मेट्रो में आमतौर पर 6 से 8 कोच होते हैं और सभी कोच एक जैसे होते हैं. रैपिड रेल में शुरू में 3 से 6 कोच होते हैं और इसमें एक 'प्रीमियम कोच' की सुविधा भी दी गई है. साथ ही, रैपिड रेल में यात्रियों को वाई-फाई (Wi-Fi), मोबाइल चार्जिंग पॉइंट और सामान रखने के लिए अलग से जगह जैसी आधुनिक सुविधाएं मिलती हैं, जो किसी लग्जरी ट्रेन जैसी लगती हैं.

5. मकसद अलग-अलग

सीधे शब्दों में कहें तो मेट्रो शहर की भीड़भाड़ और ट्रैफिक से बचाने का एक पर्यावरण अनुकूल जरिया है. वहीं, रैपिड रेल का मकसद दो शहरों के बीच लगने वाले घंटों के सफर को मिनटों में बदलना है.

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Rapid Rail Metro
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