अमेरिकी पाबंदियों की मार या रूस का डिस्काउंट, आखिर क्यों भारत की ऑयल मार्केट से बाहर हुआ वेनेजुएला?

Venezuela का भारत के कच्चे तेल आयात में हिस्सा FY2018 में 6.7% से घटकर FY2026 में केवल 0.3% रह गया है. US प्रतिबंधों, नीति अनिश्चितता और भारत की आपूर्ति विविधीकरण रणनीति ने इस गिरावट को तेज किया है. कुछ भारतीय निवेश संबंध अब भी बने हुए हैं.

Venezuela का भारत के कच्चे तेल आयात में हिस्सा FY2018 में 6.7% से घटकर FY2026 में केवल 0.3% रह गया है. US प्रतिबंधों, नीति अनिश्चितता और भारत की आपूर्ति विविधीकरण रणनीति ने इस गिरावट को तेज किया है. कुछ भारतीय निवेश संबंध अब भी बने हुए हैं.

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Ravi Prashant
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OIL NEWS

वेनेजुएला क्राइसिस Photograph: (META AI)

एक समय भारत को सबसे ज्यादा कच्चा तेल देने वाले देशों में शुमार 'वेनेजुएला' अब भारत की तेल आपूर्ति लिस्ट में सबसे नीचे खिसक गया है. 'रूबिक्स डेटा साइंस' की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 (अक्टूबर 2025 तक) में भारत के कुल तेल आयात में वेनेजुएला की हिस्सेदारी घटकर महज 0.3% रह गई है.

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आखिर ऐसा क्यों हुआ? 

साल 2021 के बाद अमेरिका द्वारा लगाए गए कड़े प्रतिबंधों ने वेनेजुएला से तेल खरीदना मुश्किल कर दिया. पेमेंट और शिपिंग में आने वाली दिक्कतों की वजह से भारत ने दूरी बना ली.  भारत अब रूस, अमेरिका और खाड़ी देशों (Middle East) से ज्यादा तेल खरीद रहा है. इसमें अहम रूस और इराक है. हालांकि 2024 में प्रतिबंधों में थोड़ी ढील मिलने पर आयात बढ़ा था, लेकिन राजनीतिक अस्थिरता के कारण यह फिर से गिरकर 18वें स्थान पर पहुंच गया है.

कभी था 'टॉप 6' में शामिल

साल 2018-2019 के दौरान वेनेजुएला भारत का छठा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता था. तब भारत ने उससे लगभग 7.2 बिलियन डॉलर का तेल खरीदा था. वेनेजुएला का भारी तेल (Heavy Oil) भारतीय रिफाइनरियों के लिए बहुत अच्छा माना जाता था. 

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क्या है भविष्य की स्थिति?

तेल आयात कम होने के बावजूद, भारतीय सरकारी कंपनियां (जैसे ONGC Videsh) वेनेजुएला के तेल क्षेत्रों में अभी भी निवेश बनाए हुए हैं. वेनेजुएला अब भारत को तेल के बजाय लिथियम और निकल जैसे कीमती खनिजों (Minerals) में निवेश करने का न्योता दे रहा है.  वेनेजुएला से तेल का कारोबार अब पूरी तरह अमेरिकी नीतियों और वहां की राजनीतिक शांति पर निर्भर करेगा. फिलहाल, भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए दूसरे देशों पर भरोसा बढ़ा लिया है. 

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