45 साल में दिल्ली की कुर्सी! बिहार के इस लड़के ने कैसे लिखी BJP की सबसे बड़ी सक्सेस स्टोरी?

नितिन नबीन ने खुद को एक कुशल रणनीतिकार और संगठनकर्ता के रूप में स्थापित किया है. यहां उनके जन्म से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने तक की विस्तृत टाइमलाइन दी गई है.

नितिन नबीन ने खुद को एक कुशल रणनीतिकार और संगठनकर्ता के रूप में स्थापित किया है. यहां उनके जन्म से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने तक की विस्तृत टाइमलाइन दी गई है.

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Dheeraj Sharma
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Nitin Nabin

भारतीय राजनीति में नितिन नबीन का नाम अब केवल बिहार तक सीमित नहीं रह गया है. 14 दिसंबर 2025 को उन्हें भारतीय जनता पार्टी (BJP) का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया, जो उनके दो दशक लंबे समर्पित राजनीतिक सफर का सबसे ऊंचा मुकाम है. महज 45 वर्ष की उम्र में बिहार के इस युवा ने बीजेपी के सबसे बड़े पद तक अपनी न सिर्फ पहुंच बनाई बल्कि इस पद पर काबिज भी हुए. महज 26 साल की उम्र में अपने पिता के निधन के बाद राजनीति में कदम रखने वाले नितिन नबीन ने अब खुद को एक कुशल रणनीतिकार और संगठनकर्ता के रूप में स्थापित किया है. यहां उनके जन्म से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने तक की विस्तृत टाइमलाइन दी गई है. 

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नितिन नबीन: शून्य से शिखर तक का सफर 

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

23 मई 1980: नितिन नबीन का जन्म पटना (बिहार) में हुआ. उनके पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा भाजपा के दिग्गज नेता और जनसंघ के समय से पार्टी से जुड़े थे.

1996: पटना के मशहूर सेंट माइकल हाई स्कूल से 10वीं की परीक्षा पास की

1998: दिल्ली के CSKM पब्लिक स्कूल से इंटरमीडिएट (12वीं) की पढ़ाई पूरी की

राजनीति में प्रवेश (2006)

2006: पिता नवीन किशोर सिन्हा के असामयिक निधन के बाद, नितिन नबीन ने सक्रिय राजनीति में कदम रखा. उन्होंने पटना पश्चिम विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में जीत हासिल की और पहली बार विधायक बने.

संगठनात्मक मजबूती (2008 - 2019)

- 2008: भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य बने

- 2010: परिसीमन के बाद नई बनी बांकीपुर सीट से दूसरी बार विधायक चुने गए

- 2010-2016: BJYM के राष्ट्रीय महासचिव के रूप में जिम्मेदारी संभाली

- 2015: बांकीपुर से लगातार तीसरी बार विधायक बने

- 2016- 2019: बिहार प्रदेश भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष रहे

- 2019: सिक्किम में लोकसभा और विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के चुनाव प्रभारी नियुक्त किए गए

मंत्री पद और राष्ट्रीय पहचान (2020-2024)

2020: बांकीपुर सीट से चौथी बार विधायक बने. इस चुनाव में उन्होंने शत्रुघ्न सिन्हा के बेटे लव सिन्हा और पुष्पम प्रिया चौधरी को भारी मतों से हराया.

2021: पहली बार बिहार सरकार में पथ निर्माण मंत्री बने. इसी वर्ष उन्हें छत्तीसगढ़ भाजपा का सह-प्रभारी भी बनाया गया.

2024: बिहार कैबिनेट में उन्हें नगर विकास एवं आवास और विधि विभाग का जिम्मा सौंपा गया. छत्तीसगढ़ में भाजपा की जीत में उनकी रणनीतिक भूमिका की काफी तारीफ हुई.

ऐतिहासिक उपलब्धि (2025)

नवंबर 2025: बांकीपुर सीट से लगातार 5वीं बार विधायक चुनकर रिकॉर्ड बनाया

14 दिसंबर 2025: जेपी नड्डा के स्थान पर भाजपा के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किए गए. वे भाजपा के इतिहास के सबसे युवा अध्यक्षों में से एक बन गए

नितिन नबीन की ताकत: क्यों मिला इतना बड़ा पद?

नितिन नबीन को भाजपा के शीर्ष नेतृत्व (मोदी-शाह) का भरोसेमंद माना जाता है। उनकी कार्यशैली के तीन मुख्य स्तंभ हैं...

- संगठनात्मक पकड़: युवा मोर्चा से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक उन्होंने कैडर के साथ सीधा संवाद रखा है

- क्लीन इमेज: मृदुभाषी और विवादों से दूर रहने वाले नेता के रूप में उनकी पहचान है

चुनावी कौशल: छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 और लोकसभा चुनाव 2024 में छत्तीसगढ़ में भाजपा का शानदार प्रदर्शन उनकी रणनीतिक जीत मानी जाती है.

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INDIA Nitin Nabeen
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