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बजट आने से पहले गुरुवार यानि 29 जनवरी 2026 को संसद में इकोनॉमिक सर्वे (आर्थिक सर्वेक्षण) को पेश कर दिया गया है. इस रिपोर्ट में बीते एक साल के दौरान भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर उतार-चढ़ाव का पूरा लेखा-जोखा पेश किया है. वर्ष 2025 की शुरुआत और अंत अलग-अलग वैश्विक अपेक्षाओं के साथ किया. मगर भारत की मैक्रो-इकोनॉमिक मजबूत स्थिति में बनी रही. पोस्ट-कोविड दौर में भारत की आर्थिक वृद्धि मजबूत काफी रही. पहली तिमाही के बाद अगली दो तिमाहियों में भी सुधार देखा गया.
2025 में भारत को तीन क्रेडिट रेटिंग अपग्रेड मिले
केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरें घटाईं है. इससे आम जनता को लाभ मिला. 2023 के मैक्रो-प्रूडेंशियल उपायों में ढील दी गई. FY26 बजट में घरों के लिए बड़े टैक्स ब्रेक; राजकोषीय घाटा 4.8% (लक्ष्य 4.9%) रहा और FY26 के लिए 4.4% का लक्ष्य तय किया गया है. FY21 के 9.2% से यूनियन फिस्कल डेफिसिट आधे से अधिक घटाने का वादा पूरा किया. 2025 में भारत को तीन क्रेडिट रेटिंग अपग्रेड मिले. Morningstar DBRS, S&P और R&I. S&P का BBB- से BBB अपग्रेड लगभग दो दशकों में किसी बड़ी एजेंसी का पहला अपग्रेड रहा. अमेरिका की ओर से अप्रैल में 25 प्रतिशत रिसिप्रोकल टैरिफ और अगस्त में अतिरिक्त 25 प्रतिशत पेनल टैरिफ लगाए गए.
इंश्योरेंस में 100 प्रतिशत FDI लागू की
इसके बावजूद, भारत के लिए शुरुआती लाभार्थी बनने की उम्मीद थी. ग्रोथ फोरकास्ट घटे, पर वास्तविकता में वृद्धि तेज हुई. GST में 2017 के बाद सबसे बड़ा सुधार लागू हुआ. न्यूक्लियर पावर को निजी क्षेत्र के लिए खोलने और इंश्योरेंस में 100 प्रतिशत FDI लागू की. चार श्रम संहिताएं नोटिफाई की गईं. नियम शीघ्र लागू होने की उम्मीद है. पर्यावरण मानदंडों में उद्योग-वार ढील दी गई है. एकसमान 33 प्रतिशत ग्रीन कवर से बदलाव किया गया. क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर्स (जो डाउनस्ट्रीम उद्योगों को प्रभावित कर रहे थे) पर रोक लगी. सरकार में तेजी और सुधारों की भावना स्पष्ट है. पूरे वर्ष के लिए 7 प्रतिशत से अधिक वास्तविक विकास दर की उम्मीद है. अगले वर्ष भी 7 प्रतिशत रखा गया.
इकोनॉमिक सर्वे है क्या?
आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) एक सरकारी दस्तावेज है. इसे बजट से पहले पेश किया जाता है. इकोनॉमिक सर्वे में देश के आर्थिक हालात, चुनौतियों और आगे की दिशा में विस्तार से मूल्यांकन किया गया है. इसमें देश के विकास, महंगाई के अनुमान और बेरोजगारी, व्यापार और फाइनेंशियल हेल्थ के बारे में जानकारी दी गई. इस रिपोर्ट को केंद्रीय वित्त मंत्रालय की टीम तैयार करती है.
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