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पीएम मोदी और प्रेसिडेंट ट्रंप Photograph: (X/@narendramodi)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड प्रेसिडेंट ने गाजा संकट के समाधान के लिए गठित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में भारत को शामिल होने का आमंत्रण दिया है. यह जानकारी भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने रविवार को साझा की. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस बोर्ड में भाग लेने के लिए इनवाइट किया है, जो गाजा में स्थायी शांति लाने, प्रभावी शासन व्यवस्था स्थापित करने और क्षेत्र में स्थिरता व समृद्धि सुनिश्चित करने पर केंद्रित होगा.
भारत का ऐतिहासिक रुख
भारत के इजरायल और फिलिस्तीन दोनों के साथ लंबे समय से ऐतिहासिक और कूटनीतिक संबंध रहे हैं. गाजा में संघर्ष शुरू होने के बाद से भारत ने मिस्र के माध्यम से मानवीय सहायता भेजी है. भारत लगातार बातचीत और शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करता रहा है और आम नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देता आया है. प्रधानमंत्री मोदी ने पहले भी गाजा में जारी हिंसा पर चिंता जताई है और समाधान के लिए कूटनीति को सबसे प्रभावी रास्ता बताया है. भारत का मानना है कि स्थायी शांति केवल संवाद और सहयोग से ही संभव है.
आतंकवाद पर स्पष्ट संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने अक्टूबर में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ टेलीफोन पर बातचीत के बाद बंधकों की रिहाई और गाजा में मानवीय सहायता बढ़ाने संबंधी समझौते का स्वागत किया था. उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा था कि आतंकवाद किसी भी रूप में और दुनिया में कहीं भी स्वीकार्य नहीं है. भारत ने इस मुद्दे पर अपना रुख लगातार स्पष्ट रखा है.
पाकिस्तान को भी मिला निमंत्रण
अमेरिका ने पाकिस्तान को भी गाजा के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने का आमंत्रण दिया है. हालांकि पाकिस्तान की इजरायल के प्रति शत्रुतापूर्ण नीति के कारण यह कदम तेल अवीव को असहज कर सकता है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि उनका देश संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों के अनुरूप फिलिस्तीन मुद्दे के स्थायी समाधान के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में शामिल रहेगा.
अन्य आमंत्रित देशों की लिस्ट
पाकिस्तान के अलावा अमेरिका ने अर्जेंटीना, तुर्किये, मिस्र, जॉर्डन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, जर्मनी, इंडोनेशिया, इटली और मोरक्को को भी इस बोर्ड में शामिल होने का न्योता दिया है. हालांकि इनमें से सभी देशों ने अभी तक इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है.
क्या है ‘बोर्ड ऑफ पीस’?
‘बोर्ड ऑफ पीस’ का गठन 15 जनवरी को गाजा में सभी तरह की हिंसा समाप्त करने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप के 20 सूत्रीय प्रस्ताव के तहत किया गया था. व्हाइट हाउस के अनुसार, इस बोर्ड की अध्यक्षता स्वयं डोनाल्ड ट्रंप करेंगे. इसका उद्देश्य गाजा में शासन व्यवस्था का पुनर्निर्माण करना और क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करना है.
इस बोर्ड के अन्य सदस्यों में अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री Tony Blair, और वरिष्ठ वार्ताकार जैरेड कुशनर तथा स्टीव विटकॉफ शामिल हैं. ट्रंप ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के समर्थन से यह बोर्ड गाजा में शांति की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगा.
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