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देश की दूसरी सबसे बड़ी एयरलाइन एअर इंडिया पर DGCA ने 1 करोड़ रुपये का जुर्माना ठोका है. उस पर आरोप लगाया है कि एयरलाइन ने एक एयरबस विमान को जरूरी एयरवर्थनेस परमिट के बिना आठ बार उड़ाया. रिपोर्ट के अनुसार, DGCA ने यह कार्रवाई एक गोपनीय आदेश के तहत की है. नियामक के अनुसार, इस तरह की लापरवाही से एयरलाइन पर जनता का भरोसा कम होता है. यह केस नवंबर 2025 का बताया गया है. वहीं एक एयरबस A320neo विमान ने जरूरी प्रमाणपत्र खत्म होने के बाद भी यात्रियो को लेकर उड़ान भरी.
जाने किन रूट्स पर उड़ान को भरा
रिपोर्ट की मानें तो एयरबस का A320neo विमान 24 और 25 नवंबर को दिल्ली, बेंगलुरु, मुंबई और हैदराबाद के बीच उड़ा. इस बीच विमान के पास वैध एयरवर्थनेस रिव्यू सर्टिफिकेट (ARC) नहीं था ARC एक अनिवार्य प्रमाणपत्र की तरह देखा जाता है. इसे हर साल विमान की पूरी जांच के बाद जारी किया जाता है. इसमें विमान के रखरखाव रिकॉर्ड, तकनीकी हालात और सुरक्षा मानकों की जांच की जांच होगी है. यह मुख्य एयरवर्थनेस सर्टिफिकेट की वैधता को पुष्ट करता है. नियमों के तहत एयर इंडिया को अपने विमानों के लिए ARC जारी करने का अधिकार होता है.
एअर इंडिया ने दी सफाई
इस मामले में एअर इंंडिया की ओर से बयान जारी किया गया है. 26 नवंबर 2025 को एयर इंडिया ने खुद DGCA को इसकी जानकारी दी थी कि A320 विमान ने आठ राजस्व उड़ानें बिना वैध ARC के पूरी कीं. एयरलाइन ने अपने बयान में कहा कि यह घटना 2025 में स्वेच्छा से रिपोर्ट की गई. अब सभी तरह की कमियों को दूर कर लिया गया है. इससे जुड़ी जानकारी नियामक को साझा कर दी गई है.
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