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pm modi
सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन 1 और 2 का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "आज हम सभी एक नए इतिहास के साक्षी बन रहे हैं. 13 फरवरी का यह दिन भारत के विकास पथ में एक नई शुरुआत का गवाह है. आज हम सभी 'विकसित भारत' के संकल्प के साथ सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन में प्रवेश कर रहे हैं. हमें अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने का ईश्वरीय आशीर्वाद प्राप्त है."
प्रधानमंत्री ने कहा कि 13 फरवरी का यह देश की विकास यात्रा में एक नए आरंभ का साक्षी बन रहा है. शास्त्रों में विजया एकादशी का बड़ा महत्व रहा है. इस दिन जिस संकल्प के साथ आगे बढ़ते हैं, उसमें विजय जरूर मिलेगी. आज हम सभी विकसित भारत का संकल्प लेकर सेवा तीर्थ में, कर्तव्य भवन में प्रवेश कर रहे हैं.
विजयी होने का दैवीय आशीर्वाद हमारे साथ
प्रधानमंत्री ने कहा, 'अपने लक्ष्य में विजयी होने का दैवीय आशीर्वाद हमारे साथ है. आजादी के बाद देश के भविष्य को बनाने वाले कई फैसले लिए गए. साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक जैसी इमारतों में कई बड़े निर्णय लिए गए. मगर ये याद रखना होगा कि ये इमारतें ब्रिटिश साम्राज्य की निशानी के तौर पर बनाई गई थीं. इन्हें बनाने का उद्देश्य ब्रिटिश राज को मजबूत करना और देश की पीढ़ियों तक गुलाम बनाए रखना था.'
जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए तैयार ये इमारतें
पीएम मोदी ने कहा, 'साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक जैसी इमारतें ब्रिटिश सोच की हुकूमत को लागू करने के लिए तैयार थीं. आज सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन जैसी इमारतें देश की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए तैयार हैं. यहां से होने वाले निर्णय किसी महाराजा की सोच को नहीं दर्शाते हैं. यह 140 करोड़ देशवासियों की अपेक्षाओं को आगे बढ़ाने के आधार की तरह है. इसी अमृत भावना के साथ मैं ये सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन भारत की जनता को समर्पित करता हूं. साउथ और नॉर्थ ब्लॉक जैसी पुरानी इमारतों में काफी जगह की कमी थी. इसमें सुविधाएं भी कम थीं. करीब 100 साल पुरानी ये इमारते अंदर से जर्जर हालात में थीं. इनमें चुनौतियां थीं, इन चुनौतियों के बारे में बताया जाना बेहद जरूरी है.'
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