Republic Day 2026: 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता को कर्तव्य पथ पर किया लीड, कुछ ऐसी है कैप्टन समीरा की प्रेरक कहानी

Republic Day 2026: 77वें गणतंत्र दिवस पर कैप्टन समीरा बुट्टर ने परेड में अपनी टुकड़ी का नेतृत्व किया. पिता के निधन के दुख के बावजूद कर्तव्य को चुनकर उन्होंने देश की बेटियों के लिए मिसाल पेश की है.

Republic Day 2026: 77वें गणतंत्र दिवस पर कैप्टन समीरा बुट्टर ने परेड में अपनी टुकड़ी का नेतृत्व किया. पिता के निधन के दुख के बावजूद कर्तव्य को चुनकर उन्होंने देश की बेटियों के लिए मिसाल पेश की है.

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Yashodhan Sharma
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captain samira buttar

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Republic Day 2026: जब देश 77वां गणतंत्र दिवस पूरे गर्व और उत्साह के साथ मनाएगा, तब कर्तव्य पथ पर एक ऐसी तस्वीर दिखेगी, जो हर भारतीय का सीना चौड़ा कर देगी. कैप्टन समीरा बुट्टर अपनी टुकड़ी का नेतृत्व करते हुए परेड में आगे बढ़ेंगी. उनके कदमों की ताल सिर्फ परेड का हिस्सा नहीं होगी, बल्कि यह नए भारत की ताकत और आत्मविश्वास का संदेश भी देगी.

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ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को दर्शाया

कैप्टन समीरा उस टुकड़ी की कमांडर हैं, जो इंटीग्रेटेड ऑपरेशन सेंटर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता को दर्शा रही है. यह वही ऑपरेशन है, जिसने 2025 में पड़ोसी देश को भारत की सैन्य ताकत और रणनीतिक क्षमता का साफ संदेश दिया था. हालांकि, यह जिम्मेदारी उनके लिए आसान नहीं है.

पिता को खोकर भी कर्तव्य को चुना

कैप्टन समीरा हाल ही में अपने पिता कर्नल सरबजीत सिंह बुट्टर को खो चुकी हैं. पिता के जाने का गहरा दुख होने के बावजूद उन्होंने कर्तव्य को चुना और परेड में टुकड़ी का नेतृत्व करने का फैसला लिया. यह सेना के उस सिद्धांत को दर्शाता है, जिसमें कहा जाता है ‘स्वयं से पहले सेवा’. उनका मानना है कि गणतंत्र दिवस परेड में एक टुकड़ी की कमांडर होना ही उनके पिता को सच्ची श्रद्धांजलि है. एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि भले ही उनका परिवार परेड देखने नहीं आ पाएगा, लेकिन उन्हें पूरा भरोसा है कि उनके पिता ऊपर से उनका हौसला बढ़ा रहे होंगे, जैसे वे हमेशा करते थे. 

ये है उनका बैकग्राउंड

कैप्टन समीरा चंडीगढ़ से आती हैं और वे अपने परिवार की चौथी पीढ़ी हैं, जो भारतीय सेना में देश सेवा कर रही हैं. उनके दादा ब्रिगेडियर संपूरण सिंह बुट्टर को महावीर चक्र और वीर चक्र से सम्मानित किया गया था, जबकि परदादा रिसालदार मेजर रतन सिंह भी सेना में थे. बचपन से ही समीरा ने सेना में जाने का सपना देखा और आज वह सपना पूरे देश के सामने साकार हो रहा है.

गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर चलती कैप्टन समीरा बुट्टर सिर्फ एक अफसर नहीं होंगी, बल्कि वे साहस, समर्पण और देशभक्ति की वह मिसाल होंगी, जो देश की हर बेटी को आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी.

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