/newsnation/media/media_files/2025/11/15/nitish-kumar-2025-11-15-22-07-26.jpg)
सीएम नीतीश कुमार Photograph: (ANI)
बिहार में विधानसभा चुनाव के बाद एनडीए ने बंपर जीत हासिल की. भले ही चुनाव के नतीजों में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनी लेकिन मुख्यमंत्री की कुर्सी पर हर बार की तरह नीतीश कुमार ही काबिज हुए. लेकिन अब बिहार में एक बड़े उलटफेर की संभावना बन रही है. जी हां बिहार की सियासत में जल्द ही बड़ी उठा पटक हो सकती है. खास बात यह है कि नीतीश कुमार अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं. सही पढ़ा आपने नीतिश कुमार को लेकर इन दिनों राज्य में बड़ी अटकलें चल रही है. आइए जानते हैं कि आखिर क्या है वो वजह जिसके चलते नीतीश कुमार के सीएम पद छोड़ने की बातें हो रही हैं.
क्यों सीएम पद छोड़ सकते हैं नीतीश कुमार
बता दें कि राज्यसभा के लिए चुनाव होना है. ऐसे में एनडीए अपने उम्मीदवारों के नाम तय कर रही है. ऐसे में माना जा रहा है कि जनता दल यूनाइटेड नीतीश कुमार को पार्टी की ओर से राज्यसभा भेज सकती है. ऐसा होता है तो नीतीश कुमार प्रदेश के सीएम पद से इस्तीफा दे सकते हैं.
सियासी हलकों में ये हलचल तेज हो गई है. राजद के प्रवक्त मृत्युंजय कुमार का दावा है कि जेडीयू में नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजने की तैयारी हो रही है. जल्द ही वह पद से इस्तीफा देकर संसद के उच्च सदन की ओर रुख कर सकते हैं.
नीतीश के बाद कौन होगा सीएम
राजद नेता का यह भी कहना है कि नीतीश कुमार के इस्तीफा देने के बाद बिहार में अगला मुख्यमंत्री भारतीय जनता पार्टी यानी बीजेपी का ही प्रत्याशी होगा. सूत्रों की मानें तो सम्राट चौधरी को बिहार का अगला मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है. हालांकि इसको लेकर अब तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.
16 मार्च को होने वाले चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 5 मार्च तय की गई है. ऐसे में एनडीए खेमे में उम्मीदवारों के नाम लगभग फाइनल चरण में पहुंच चुके हैं.
बीजेपी ने तय किए अपने प्रमुख चेहरे
भारतीय जनता पार्टी ने पांच सीटों में से अपने कोटे की सीटों पर उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं. पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन और प्रदेश महामंत्री शिवेश कुमार को मैदान में उतारा गया है. इसके अलावा केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर का नाम भी लगभग तय माना जा रहा है. अगर वे राज्यसभा पहुंचते हैं तो यह उनका तीसरा कार्यकाल होगा.
एनडीए के भीतर सीटों के बंटवारे के तहत दो सीटें जनता दल (यूनाइटेड) को दी गई हैं, जबकि एक सीट राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाह के खाते में गई है. इससे स्पष्ट है कि गठबंधन ने सामाजिक और राजनीतिक संतुलन साधने की रणनीति अपनाई है.
जदयू नेतृत्व पर टिकी सबकी नजर
भाजपा की ओर से तीन नाम तय किए जाने के बाद अब निगाहें नीतीश कुमार की पार्टी जदयू के फैसले पर हैं. जदयू कोटे से किन दो चेहरों को राज्यसभा भेजा जाएगा, इस पर सस्पेंस बरकरार है.
मौजूदा राज्यसभा सांसद और उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह का नाम प्रमुख दावेदारों में शामिल है. दूसरी ओर, पूर्व आईएएस अधिकारी और जदयू के राष्ट्रीय महासचिव मनीष वर्मा का नाम भी चर्चा में है. मनीष वर्मा को मुख्यमंत्री का करीबी माना जाता है, जिससे उनकी दावेदारी मजबूत मानी जा रही है.
निशांत कुमार की एंट्री पर चर्चा
इन सबके बीच एक और नाम राजनीतिक गलियारों में सुर्खियों में है मुख्यमंत्री के पुत्र निशांत कुमार. पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता चाहते हैं कि निशांत कुमार सक्रिय राजनीति में आएं और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालें. माना जा रहा है कि राज्यसभा चुनाव 2026 उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत का मंच बन सकता है. हालांकि इस पर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन चर्चाएं लगातार जारी हैं.
अंतिम घोषणा का इंतजार
नामांकन की अंतिम तारीख नजदीक होने के कारण जदयू नेतृत्व किसी भी समय अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर सकता है. बिहार की राजनीति में यह चुनाव सिर्फ प्रतिनिधित्व का मामला नहीं, बल्कि गठबंधन की अंदरूनी रणनीति और भविष्य की दिशा तय करने वाला कदम भी माना जा रहा है.
अब देखना दिलचस्प होगा कि जदयू किन चेहरों पर भरोसा जताता है और क्या राज्यसभा चुनाव के बहाने बिहार की राजनीति में कोई नया अध्याय शुरू होता है.
यह भी पढ़ें - बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन जाएंगे राज्यसभा, पार्टी ने जारी की 9 उम्मीदवारों की लिस्ट
/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)
Follow Us