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eye twitches
आंख फड़कना एक ऐसी चीज है जिसे हर किसी ने अपनी लाइफ में एक बार जरूर महसूस किया होगा. भारत में इसे शुभ और अशुभ से जोड़कर देखा जाता है. कई लोगों का मानना है कि दाईं आंख फड़कने से कुछ शुभ होने वाला है, तो वहीं बाईं आंख फड़कने से कुछ गलत होने वाला है. लेकिन ये असल में आंखों की मांसपेशियों के अचानक से सिकुड़ने की वजह से होता है. आइए आपको बताते हैं कि यह किस विटामिन की कमी से ऐसा होता है.
क्या है इसके पीछे के कारण
नींंद की कमी या थकान
डिप्रेशन और चिंता
कंप्यूटर या मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल
मैग्नीशियम की कमी
ज्यादा कैफीन का सेवन
क्यों होता है ऐसा
आंख झपकना हमारे शरीर की एक प्राकृतिक प्रक्रिया है. जिसका उद्देश्य आंखों को धूल-मिट्टी और संक्रमण से बचाना होता है. हालांकि जब हम पलक झपकाते हैं तो आंखों में नमी बनी रहती है और कॉर्निया सूखने से बचती है. वहीं आमतौर पर एक एक इंसान की एक मिनट में लगभग 15 से 20 बार पलकें झपकती हैं. ये नंबर तब बढ़ जाता है जब हम थके होते हैं या फिर कंप्यूटर पर लगातार काम कर रहे होते हैं.
इससे जुड़े मिथ
दाईं आंख फड़कना शुभ माना जाता है.
बाईं आंख फड़कना अशुभ माना जाता है.
हालांकि कुछ जगहों पर ये मान्यता है कि महिलाओं और पुरुषों के लिए आंखों के अलग-अलग अर्थ बताए हैं. लेकिन इन सभी धारणओं का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है. ये केवल काफी टाइम से चली आ रही मान्यताओं और कहानियों का हिस्सा है.
अपनाएं ये उपाय
पर्याप्त नींद लें और तनाव कम करें.
स्क्रीन टाइम घटाएं और आंखों को आराम दें.
संतुलित आहार लें जिसमें मैग्नीशियम और विटामिन्स भरपूर मात्रा में हों.
आंखों पर ठंडे पानी की पट्टी रखें.
वहीं अगर आपकी आंख कई दिनों से फड़क रही हैं, तो आप डॉक्टर से संपर्क करें.
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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित हैं. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.