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2021 में 1 अरब लोगों को टीके का लक्ष्य 'संभव नहीं', ICMR की दो टूक

इस साल लगभग एक अरब लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य अभी भी पूरा नहीं किया जा सकता है. अब तक केवल 3 प्रतिशत आबादी को ही टीका लगा.

By : Nihar Saxena | Updated on: 02 Jun 2021, 01:55:02 PM
Vaccine ICMR

सरकार की टीका नीति को किया कठघरे में खड़ा. (Photo Credit: न्यूज नेशन)

highlights

  • भारत के पास लगाने के लिए पर्याप्त कोरोना टीके नहीं
  • ग्रामीण क्षेत्रों के लिए टीकाकरण कार्ड बेहतर विकल्प
  • निजी अस्पतालों में टीकाकरण की दर महंगी 

नई दिल्ली:

आईसीएमआर-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मलेरिया रिसर्च और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के विशेषज्ञों ने घरेलू स्तर पर वैक्सीन के उत्पादन और तैनाती की खराब योजना के लिए सरकार की आलोचना की, जिसके फलस्वरूप भारत के पास लगाने के लिए पर्याप्त टीके नहीं हैं. विशेषज्ञों ने ऑनलाइन जर्नल बीएमजे ग्लोबल हेल्थ में प्रकाशित एक टिप्पणी में कहा, 'हालांकि कोवैक्सिन और कोविशील्ड टीकों के उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि करने की योजना है, लेकिन इस साल लगभग एक अरब लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य अभी भी पूरा नहीं किया जा सकता है.' अब तक केवल 3 प्रतिशत आबादी को ही टीका लगाया गया है.

विशेषज्ञों ने सरकार से दुनिया भर में लगाए जा रहे विदेशी टीकों की मंजूरी में तेजी लाने का आग्रह किया. उन्होंने कहा, 'जैसा कि कोविड -19 वैक्सीन से मिलने वाली सुरक्षा में दोनों खुराक के बाद कम से कम दो सप्ताह लगने की उम्मीद है, और बड़ी मांगों के साथ, भारत को आने वाले दिनों और हफ्तों में संक्रमणों में मौजूदा वृद्धि को रोकने के लिए टीकों के कई और स्रोतों की आवश्यकता होगी.' इसके अलावा, कवरेज का विस्तार करने के लिए, सरकार ने निजी अस्पतालों को टीकाकरण की अनुमति दी है, जो लगभग 220 रुपये से 1,098 रुपये तक कुछ भी चार्ज करते हैं, जिसका अर्थ है कि बहुत कम लोग इसे वहन कर सकते हैं.

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उन्होंने सरकार से भारत में सभी के लिए कोरोन वायरस के खिलाफ टीके मुफ्त बनाने का आग्रह किया, जो न केवल टीकाकरण को बढ़ावा देगा बल्कि संक्रमण से होने वाली मौतों को भी रोकेगा. केंद्र और राज्यों के बीच टीकों के अलग-अलग मूल्य निर्धारण पर, विशेषज्ञों ने कहा कि यह भारत में गंभीर संकट के समय सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और असमान वितरण और संभावित रूप से सार्वजनिक अविश्वास को बढ़ावा देगा.

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विशेषज्ञों ने कहा कि वयस्कों के लिए टीकाकरण के लिए मोबाइल एप के माध्यम से सरकार द्वारा अनिवार्य पूर्व-पंजीकरण भी संभव नहीं है क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में केवल एक तिहाई लोगों के पास इंटरनेट कनेक्शन है. इसके बजाय, एक साधारण टीकाकरण कार्ड एक बेहतर विकल्प हो सकता है.

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First Published : 02 Jun 2021, 01:55:02 PM

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