Omicron वेरिएंट बीते सात सप्ताह के अंदर कम्युनिटी ट्रांसमिशन पर कैसे पहुंचा? जानिए वजह 

इंडियन सार्स-कोव-2 जीनोमिक कंसोर्टियम (INSACOG) ने अपने ताजा बुलेटिन में इस बात को सामने रखा है। इसके अनुसार, ओमीक्रॉन का ब-वेरिएंट BA.2 पूरे देश में कई जगहों पर मिला है.

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Mohit Saxena
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Omicron वेरिएंट का खतरा( Photo Credit : file photo)

देश में ओमीक्रॉन वेरिएंट (Omicron Variant) सामुदायिक संक्रमण (Community Transmission) के मुहाने पर पहुंच चुका है. महानगरों में कोविड-19 (Covid-19) के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. यहां पर वेरिएंट हावी हो चुका  है. इंडियन सार्स-कोव-2 जीनोमिक कंसोर्टियम (INSACOG) ने अपने ताजा बुलेटिन में इस बात को सामने रखा है. INSACOG के अनुसार, ओमीक्रॉन का ब-वेरिएंट BA.2 पूरे देश में कई जगहों पर मिला है. हैरान करने वाली बात है कि देश में ओमीक्रॉन वेरिएंट का पहला मामला 2 दिसंबर को सामने आया था और इसके सात सप्ताह के बाद ये कम्युनिटी ट्रांसमिशन के स्तर पर पहुंच गया है. मात्र कुछ सप्ताह के अंदर इस वेरिएंट ने डेल्टा वेरिएंट को पछाड़ दिया है.

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कोरोना वायरस के डेल्टा वेरिएंट का RO basic reproduction number 6 से 7 के बीच था. RO दरअसल वह संख्या है जो यह दर्शाती है कि एक व्यक्ति कितने लोगों को संक्रमित कर सकता है. हालांकि ओमिक्रॉन वेरिएंट का RO अभी तक स्पष्ट नहीं है. मगर जिस रफ्तार के साथ ओमीक्रॉन संक्रमण बढ़ रहा है, उसे देखकर स्वाथ्य विशेषज्ञ का मानना है कि यह वेरिएंट डेल्टा के मुकाबले तेजी से फैलता है. वहीं कोविड-19 के बेसिक स्ट्रेन का RO 3 था यानि इस स्ट्रेन से संक्रमित शख्स 3 लोगों को संक्रमण का शिकार बना सकता था.

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गौरतलब है कि दुनिया में अब तक सबसे अधिक संक्रामक वायरस मीजल्स Measles का है. इस वायरस से संक्र​मित व्यक्ति 18 लोग में इसे फैला सकता है. 2019 में मीजल्स ने विश्वभर में 90 लाख से अधिक लोगों को संक्रमित किया था.

दुनियाभर में हुए शोध में यह दावा किया गया कि ओमीक्रॉन वेरिएंट कोविड-19 का आखिरी वेरिएंट नहीं होने वाला है. मगर इस बीच ओमीक्रॉन का सब वेरिएंट सामने   आ गया है. यूरोप के कई देशों में BA.2 तेजी से फैल रहा है. ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि यह वेरिएंट और तेजी से फैल सकता है और इसके कारण दुनिया कोरोना महामारी की लहर के चपेट में आ सकती है.

INSACOG के अनुसार, कोविड-19 (Covid-19 ) के जीनोम अनुक्रमण का विश्लेषण करने पर सामने आया है कि देश में ओमीक्रॉन के संक्रामक उप-स्वरूप बीए.2 की कुछ हिस्सों में मौजूदगी मिली है.

बुलेटिन में निष्कर्ष निकाला गया है कि अब तक आए ओमीक्रॉन के अधिकतर मामलों  में या तो रोगी में संक्रमण के लक्षण दिखाई नहीं दिए या फिर हल्के लक्षण सामने आए  हैं. आईसीयू में भर्ती होने के मामले बढ़ गए हैं और खतरे के स्तर में बदलाव नहीं  हुआ है.

 

HIGHLIGHTS

  • ओमीक्रॉन का ब-वेरिएंट BA.2 पूरे देश में कई जगहों पर मिला है
  • ओमीक्रॉन वेरिएंट का पहला मामला 2 दिसंबर को सामने आया था
  • मात्र कुछ सप्ताह के अंदर इस वेरिएंट ने डेल्टा वेरिएंट को पछाड़ दिया है
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