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क्या आप अपने दिल की सुनते हैं जब उसे मदद की ज़रूरत होती है? अगर नहीं, तो हो सकता है ख़तरा

हर वक़्त अपने दिल का ख्याल रखना बहुत ज़रूरी होता है. चक्कर आने से लेकर ब्लैकआउट होने तक ऐसी कई सारी परिस्थिति आती है जब हमारा दिल बुरी अवस्था में होता है.

News Nation Bureau | Edited By : Nandini Shukla | Updated on: 15 Nov 2021, 11:09:42 AM
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क्या आप अपने दिल की सुनते हैं जब उसे मदद की ज़रूरत होती है. (Photo Credit: filephoto)

New Delhi:

दिल का ख्याल हर वक्त और हर दिन रखना चाहिए. चाहे मामला मोहब्बत का हो या सेहत का दिल की देखभाल हर किसी स्थिति में रखनी चाहिए. शरीर के बाकी अंगों में अगर थोड़ा भी नुकसान होता है तो तुरंत पता चल जाता है. जैसे अगर आपके सर में दर्द है तो आपको तुरंत पता चल जायेगा. पर, दिल के मामले में ऐसा नहीं होता. आपकी जीवन शैली आपके दिल पर बहुत ज्यादा असर डालती है. काम के लम्बे घंटे, देर से सोना और सुबह देर से उठना, खाने पीने का कोई समय न होना, गलत तरीके से खान पान, यह सब कुछ बहुत नुकसानदायक होता है और हानिकारक भी हो सकता है. 

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कोरोना के कारण लगाए गए लॉक डाउन, जिसमें लोग अचानक से अपने घर में कैद हो गए और हर काम घर से करने की आदत डालनी पड़ी. इस ने भी लोगों के दिल पर बहुत ही बुरा असर डाला है. नौकरी जाने की चिंता लगातार कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बैठे रहना, लगातार मोबाइल फ़ोन चलाना ऐसी बहुत सी ऐसी चीज़ें है जो आपकी हेल्थ से लेकर आपके दिल पर असर डालती हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कार्डियो वैस्कुलर डिजीज (सीवीडी) में 17.7 मिलियन मौतें होती हैं और यह प्रमुख कारण हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत में प्रति 100000 आबादी पर 272 की दिल की हालत बिगड़ने से मृत्यु हो चुकी है. 

कब रखना चाहिए अपने दिल का ख्याल 

जब आप अपनी छाती को फड़फड़ाते हुए महसूस करते हैं, अनियमित दिल की धड़कन, तेजी से वजन बढ़ना, सीने में दर्द, थकान, सांस की तकलीफ, बुखार, चक्कर आना, और बेहोशी, या बेहोशी की स्थिति में ये सभी स्थितियां संकेत करती हैं कि आपके दिल को मदद की जरूरत है. हालांकि, जब हृदय की मांसपेशियों को रक्त और ऑक्सीजन देने वाली ब्लड वेसल्स कड़ी हो जाती है, तो स्थिति गंभीर हो जाती है और सर्जरी की आवश्यकता होती है. आमतौर पर ऐसी स्थिति को ठीक करने के लिए ओपन-हार्ट सर्जरी की जाती है. जब आपको अपने दिल में दर्द महसूस हो या जब चक्कर आने लगे या थकान महसूस होने लगे इसका मतलब कि आपके अंदर पौष्टिक आहार की कमी हो रही है और आपके दिल को मदद की ज़रुरत है. ऐसे में या तो आप अपना रूटीन बदल सकते हैं. या तुरन्त अपने फैमिली डॉक्टर से कंसल्ट कर सकते हैं.

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अच्छा खान पान ही है दिल को स्वस्थ रखने की चाभी

बाजार की मिलावट वाली चीजें हमारे सेहत को नुकसान पहुंचाने के सिवा कुछ भी नहीं कर रही है. अमेरिकन कल्चर को अपनाने के चक्कर में आपकी हेल्थ पौष्टिक आहार को पीछे छोड़ती जा रही है. लोग धुम्रपान से लेकर बहुत सी ऐसी बुरी आदतें हैं जो अपने आप को आगे दिखाने के लिए लोग अपनाने लगे हैं. ऐसे में ज़रूरी है कि अपने खाने पीने का ध्यान जरूर रखें. गलत आदतों से दूर रहें. समय पे खाना पीना और सही पौष्टिक आहार लेना, अपने खाने में हर रोज़ एक फल को ज़रूर शामिल करें. सुबह जल्दी उठने से योग करने से शरीर की सारी परेशानियां दूर हो जाती हैं. 

 

First Published : 15 Nov 2021, 11:04:21 AM

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