18 में शादी, 26 में विधवा, बेहद दर्द से गुजरी है 'मुगल-ए-आजम' की इस एक्ट्रेस की जिंदगी

Bollywood Actress Life Story: दिलीप कुमार और मधुबाला की फिल्म 'मुगल-ए-आजम' में नजर आई इस एक्ट्रेस की जिंदगी बेहद दर्द से गुजरी है. चलिए जानते हैं, इनके बारे में-

Bollywood Actress Life Story: दिलीप कुमार और मधुबाला की फिल्म 'मुगल-ए-आजम' में नजर आई इस एक्ट्रेस की जिंदगी बेहद दर्द से गुजरी है. चलिए जानते हैं, इनके बारे में-

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Sezal Chand Thakur
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durga khote Photograph: (wikipedia)

Bollywood Actress Life Story: दिलीप कुमार और मधुबाला की फिल्म 'मुगल-ए-आजम' बॉलीवुड की एक ऐसी फिल्म है जिसने हिंदी सिनेमा को एक अलग ही पहचान दिलाई थी.  ये एक ऐसी फिल्म थी जिसे बनाने और रिलीज करने में डायरेक्टर के आसिफ के 16 साल लग गए थे.  इस फिल्म में जोधाबाई का किरदार निभाने वाली एक्ट्रेस ने अपनी एक्टिंग से तो लोगों का दिल जीता था. लेकिन पर्शनल लाइफ में उन्होंने काफी कुछ सहा है. इस एक्ट्रेस की जिंदगी बेहद दर्द से गुजरी है. चलिए जानते हैं, इनके बारे में-

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क्या है इस एक्ट्रेस का नाम?

हम बात कर रहे हैं, 14 जनवरी 1905 को एक ब्राह्मण परिवार में जन्मी एक्ट्रेस दुर्गा खोटे (Durga Khote) की. एक्ट्रेस भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन फिल्म 'मुगल-ए-आजम' के लिए लोग उन्हें आज भी याद करते हैं. दुर्गा खोटे अमीर खानदान से ताल्लुक रखती थीं. साथ ही जिस समय महिलाओ को पढ़ने नहीं दिया जाता था उस समय उन्होंने मुंबई के कैथेड्रल हाई स्कूल से ग्रेजुएशन किया था. फिर पढ़ाई के दौरान 18 साल की उम्र में उनकी शादी करवा दी गई थी. लेकिन 26 साल की उम्र में ही वो विधवा हो गई थी. पति की मौत के बाद उन्होंने काफी कुछ झेला और बच्चों की वजह से वो काम करने को मजबूर हुई. 

 दुर्गा खोटे का फिल्मी करियर 

दुर्गा खोटे साल 1931 में मूक फिल्म 'फरेबी जाल' से फिल्मी करियर की शुरआत की. इसके बाद उनके हाथ 'आयोध्याचा राजा' लगी और  इस फिल्म के बाद दुर्गा खोटे स्टार बन गई. फिर उन्होंने एक से बढ़कर एक फिल्मों में काम किया. उन्होंने एक्टिंग ही नहीं, साल 1937 में फिल्म ‘साथी’ का निर्माण और निर्देशन किया और इस तरह वो एक साथ प्रोड्यूसर और डायरेक्टर बनने वाली पहली भारतीय एक्ट्रेस बनीं थी.एक्ट्रेस की लाइफ में सब ठीक चल रहा था, फिर उनके बड़े बेटे हरिन की 40 की उम्र में मौत हो गई. फिर उन्होंने फिल्मों से ब्रेक लिया. फिर वापसी के बदा उन्होंने  'बॉबी', 'अभिमान' और 'बिदाई' जैसी कई फिल्मों में मां, दादी और आंटी का रोल किया और मां के रोल से प्रसिद्ध हुई. 200 से अधिक फिल्में करने के बाद  22 सितंबर 1991 को वो इस दुनिया को छोड़कर चले गईं.

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