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Battle of Galwan Photograph: (NN)
‘बैटल ऑफ गलवान’ के टीजर को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिलने के बाद अब फिल्म की टीम दर्शकों के लिए एक खास वीडियो सीरीज लेकर आई है. Salman Khan Films ने असली आर्मी वेटरन्स और उनके परिवारों की कहानियां साझा की हैं. इन वीडियो के जरिए उन परिवारों को सलाम किया गया है, जो हर पोस्टिंग, हर जुदाई और हर वापसी के पीछे मजबूती से खड़े रहते हैं.
पहले वीडियो में तीसरी गोरखा राइफल्स के कर्नल महीप सिंह चड्ढा की बेटी गानवी चड्ढा नजर आती हैं. उनके पिता ने 1965 और 1971 की जंग लड़ी थी. वह बताती हैं कि उस समय फील्ड एरिया में तैनाती के दौरान फोन पर बात करना भी आसान नहीं था. लोकल एक्सचेंज के जरिए कॉल बुक करनी पड़ती थी और लंबा इंतजार करना पड़ता था. परिवार वाले उन्हें बहुत याद करते थे. खासतौर पर जब उनका पसंदीदा खाना बनता था, तब उनकी कमी और ज्यादा महसूस होती थी. छुट्टी पर घर लौटने के बाद साथ बैठकर वही खाना खाना सबसे खास पल होता था.
दूसरे वीडियो में 16 बिहार रेजिमेंट के रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल जगदीप मनचंदा की पत्नी सविंदर मनचंदा अपने अनुभव साझा करती हैं. वह बताती हैं कि जब उनके पति की यूनिट अरुणाचल प्रदेश के संवेदनशील इलाके में तैनात थी, तब हर दिन चिंता बनी रहती थी. फोन की लाइनें साफ नहीं होती थीं, लेकिन सिर्फ उनकी आवाज सुन लेना ही सुकून देने के लिए काफी था.
तीसरे वीडियो में खुद रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल जगदीप मनचंदा नजर आते हैं. उन्होंने 1972 से 2003 तक देश की सेवा की. वह अपने 32 साल के सैन्य जीवन को गर्व और सम्मान के साथ याद करते हैं. उन्होंने कठिन ऑपरेशन्स और गलवान घाटी के संघर्ष का भी जिक्र किया.
यह फिल्म Salma Khan द्वारा प्रोड्यूस और Apoorva Lakhia के निर्देशन में बनी है. इसमें Chitrangada Singh अहम भूमिका में हैं. ‘बैटल ऑफ गलवान’ बहादुरी और परिवार के जज्बे को बड़े पर्दे पर दिखाने की कोशिश है.
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