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World Elephant Day ने दर्शायी पूरे विश्व में हाथियों की दशा, एक फिल्म निर्माता ने शुरू की इस दिन की कहानी

हर साल 12 अगस्त को ‘विश्व हाथी दिवस’ (World Elephant Day) मनाया जाता है. इस दिवस को मानने का मुख्य उद्देश्य समूची दुनिया में हाथियों के प्रति जागरूकता और संरक्षण को बढ़ावा देना है.

News Nation Bureau | Edited By : Gaveshna Sharma | Updated on: 12 Aug 2021, 12:41:39 PM
World Elephant Day Importance and History

World Elephant Day Importance and History (Photo Credit: News Nation)

highlights

  • 12 अगस्त 2012 को शुरू किया गया था पहला विश्व हाथी दिवस.
  • हाथियों के संरक्षण के लिए मनाया जाता है ये दिन.

नई दिल्ली :

हर साल 12 अगस्त को ‘विश्व हाथी दिवस’ (World Elephant Day) मनाया जाता है. इस दिवस को मानने का मुख्य उद्देश्य समूची दुनिया में हाथियों के प्रति जागरूकता और संरक्षण को बढ़ावा देना है. क्योंकि, हाथी को राष्ट्रीय विरासत पशु घोषित किया गया है. ऐसे में हर नागरिक का कर्तव्य है कि हाथियों का संरक्षण करे. आज हाथियों का संरक्षण बहुत ही जरूरी हो गया है. क्योंकि, पिछले कुछ सालों से हाथियों की संख्या में भारी  गिरावट आई है. जो चिंता का विषय है. आपको बता दें कि इस दिन को पहली बार 12 अगस्त, 2012 को मनाया गया था. इस दिन एशियाई और अफ्रीकी हाथियों की दुर्दशा को उजागर करने के लिए विश्व हाथी दिवस की शुरुआत हुई थी. जानकारी के मुताबिक, थाईलैंड स्थित हाथी प्रजनन फाउंडेशन कनाडा ने फिल्म निर्माता पेट्रीसिया सिम्स के साथ मिलकर 12 अगस्त को World Elephant Day के तौर पर मनाए जाने की पहल की थी.  

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तभी से सुश्री सिम्स विश्व हाथी दिवस का नेतृत्व कर रही हैं. विश्व हाथी समाज, जिसकी वह संस्थापक अध्यक्ष हैं, विश्व हाथी दिवस का प्रबंधन करती हैं. सुश्री सिम्स के धर्मार्थ संगठन ने वर्षों से हाथियों की दुर्दशा पर उन्हें शिक्षित करने और जागरूकता फैलाने के लिए कई लोगों तक पहुंच बनाई है. यूं तो पूरे विश्व में अभी भी हाथियों की स्थिति गंभीर बनी हुई है लेकिन भारत की बात करें तो,  देश में 2017 में आखिरी बार हाथियों की गिनती की गई थी. 2017 में हुई हाथियों की गिनती के अनुसार, भारत में 30 हजार हाथी हैं, लेकिन धीरे-धीरे इनकी संख्या कम होती जा रही है, हाथियों की मौत के मामले में केरल भारत का सबसे बदनाम राज्य है. जहां हर तीन दिन में एक हाथी मारा जाता है. बता दें कि, किसी जानवर को नुकसान पहुंचाना या उसे मार डालना कानून अपराध है. 'वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972' (Wild Life Protection Act 1972) के तहत जानवरों  को मारने पर 3 साल तक की सजा और 25 हजार रुपए तक का जुर्माना हो सकता है. अगर यही अपराध उसने दोबारा किया तो ऐसा करने पर 7 साल तक की सजा हो सकती है.

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हाथियों के बारे में रोचक तथ्य 
जन्म के 20 मिनट बाद ही हाथी का बच्चा खड़ा हो जाता है. एक वयस्क हाथी दिनभर में 150 किलो खाना खा लेता है. अगर वजन की बात करें तो, हाथी का वजन 5 हजार किलो तक हो सकता है. संख्या पर नजर डालें तो,  
- देश में इस समय 27 हजार हाथी बचे हैं.
- 2 हजार से ज्यादा हाथियों को बंधक बनाया गया है.
- एक दशक पहले तक देश में 10 लाख हाथी थे.
- 100 हाथियों को हर साल मार दिया जाता है.

First Published : 12 Aug 2021, 12:41:39 PM

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