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ऑनलाइन परीक्षा 10 जुलाई से होगी, इसमें भाग न लेने वाले छात्र सितंबर में दे सकते हैं परीक्षा: डीयू

दिल्ली विश्वविद्यालय ने सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायालय को सूचित किया कि स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए खुली पुस्तक परीक्षा (ओबीई) 10 जुलाई से शुरू होगी और जो छात्र इसमें भाग लेने में असमर्थ हैं, उन्हें सितंबर में सीधे तौर पर परीक्षा देने की अनुमति होगी.

Bhasha | Edited By : Sunil Mishra | Updated on: 06 Jul 2020, 10:52:48 PM
delhi university

दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) (Photo Credit: फाइल फोटो)

दिल्ली:  

दिल्ली विश्वविद्यालय (Delhi University) ने सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) को सूचित किया कि स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए खुली पुस्तक परीक्षा (ओबीई) 10 जुलाई से शुरू होगी और जो छात्र इसमें भाग लेने में असमर्थ हैं, उन्हें सितंबर में सीधे तौर पर परीक्षा देने की अनुमति होगी. विश्वविद्यालय ने कहा कि इसमें इस बात पर ध्यान नहीं दिया जाएगा कि छात्रों ने ऑनलाइन आवेदन भरे हैं या नहीं और यह उन छात्रों के लिए भी लागू होता है, जिन्होंने ओबीई के लिए प्रश्न पत्र डाउनलोड किया हो, लेकिन अपनी उत्तर पुस्तिकाओं को अपलोड करने में विफल रहे. ऑनलाइन परीक्षाओं के संचालन को चुनौती देने वाली एक याचिका पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई करने वाली न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति सुब्रमणियम प्रसाद की एक पीठ ने विश्वविद्यालय को अपना रुख स्पष्ट करने के लिए एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया और मामले की अगली सुनवाई 9 जुलाई को सूचीबद्ध की.

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पीठ ने कहा, ‘‘स्पष्टता के उद्देश्य और किसी भी अस्पष्टता से बचने के लिए, दिल्ली विश्वविद्यालय को एक हलफनामा दाखिल करने के लिए निर्देश देना उचित लगता है ताकि वह अपना रुख स्पष्ट कर सके जैसा कि उपयुक्त बयान दर्ज किया गया है और हमारे सामने आए किसी अन्य पहलू को ध्यान में रखते हुये अगली तारीख पर उचित आदेश पारित किया जा सके.’’ अदालत प्रतीक शर्मा और दीक्षा सिंह की एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें दृष्टिबाधित और अन्य विकलांग व्यक्तियों के लिए एक प्रभावी तंत्र स्थापित करने के लिए केंद्र से दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई है ताकि कोविड-19 महामारी के दौरान शैक्षणिक निर्देश उन्हें सही तरीके से प्रेषित किए जा सकें और उसके माध्यम से उन्हें शिक्षण सामग्री प्रदान की जा सके.

याचिका में कहा गया है कि विश्वविद्यालयों, स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों ने कोविड​​-19 के प्रकोप के बीच ऑनलाइन शिक्षण की व्यवस्था की है, लेकिन सरकार द्वारा दृष्टिबाधित और अन्य दिव्यांग व्यक्तियों की आवश्यकता पर विचार करने का कोई प्रयास नहीं किया गया. उच्च न्यायालय ने पहले डीयू से पूछा था कि उसके और उसके अधिकारियों के खिलाफ अवमानना ​​की कार्यवाही क्यों नहीं शुरू की जाए, जबकि ऑनलाइन खुली किताब परीक्षाओं को स्थगित करने की सूचना को रोककर अदालत को गुमराह करने की कोशिश की गई.

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गौरतलब है कि डीयू ने 1 जुलाई से शुरू होने वाली परीक्षाएं 10 दिनों के लिए टाल दी और अब ओबीई परीक्षाएं 10 जुलाई से शुरू होंगी. सुनवाई के दौरान, दिल्ली विश्वविद्यालय की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सचिन दत्ता ने कहा कि मुख्य परीक्षाओं की तैयारी के क्रम में मॉक परीक्षाएं 4 जुलाई से शुरू हुई और 8 जुलाई को समाप्त होगी. इसके बाद, 10 जुलाई से ओबीई शुरू होगा.

हालाँकि, उन्होंने अदालत को बताया कि यदि, किसी भी कारण से, छात्र 10 जुलाई से शुरू हो रही ओबीई परीक्षाएं देने की स्थिति में नहीं हैं, तो बाकि सभी छात्र, चाहे वे पीडब्ल्यूडी (दिव्यांग) श्रेणी के हों या अन्य श्रेणी के, सभी को इस साल सितंबर में संभावित परीक्षा में प्रत्यक्ष तौर पर भाग लेने का अवसर दिया जाएगा, जिसका आयोजन महामारी की स्थिति पर निर्भर है.

First Published : 06 Jul 2020, 10:46:18 PM

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