News Nation Logo
Banner

UPSC परीक्षा में अंतिम प्रयास पर आयु पर छूट नहीं देेने के पक्ष में SC, दी ये दलील

याचिकाकर्ता ने महामारी के दौरान अपने स्वास्थ्य का खयाल रखते हुए 2020 में परीक्षा छोड़ने के विकल्प के बीच परीक्षा की पर्याप्त तैयारी न होने की दलील दी और एक अतिरिक्त मौका देते हुए शीर्ष अदालत से राहत मांगी.

News Nation Bureau | Edited By : Ravindra Singh | Updated on: 10 Feb 2021, 08:05:35 AM
upsc

यूपीएससी (Photo Credit: फाइल फोटो)

highlights

  • कोविड की वजह से उम्र सीमा को लेकर छात्रों की मांग
  • सुप्रीम कोर्ट UPSC की आयुसीमा में छूट के पक्ष में नहींं
  • सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रखा 

नई दिल्ली:

केंद्र सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वह यूपीएससी परीक्षा के उम्मीदवारों को एक बार छूट दिए जाने के पक्ष में नहीं है, जो आयु-वर्जित हैं, क्योंकि यह अन्य उम्मीदवारों के लिए भेदभावपूर्ण होगा. कोविड-19 के बीच अक्टूबर 2020 की परीक्षा में अपना अंतिम प्रयास कर चुके याचिकाकर्ताओं ने शीर्ष अदालत से आग्रह किया है कि उन्हें एक अतिरिक्त मौका दिया जाना चाहिए. केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने न्यायमूर्ति ए. एम. खानविल्कर की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष कहा कि शुरू में सरकार एक अतिरिक्त मौका देने को तैयार नहीं थी, लेकिन पीठ के एक सुझाव के बाद इसने अपना रुख बदल दिया.

मामले में विस्तृत सुनवाई के बाद, शीर्ष अदालत ने यूपीएससी के उम्मीदवारों के लिए एक अतिरिक्त मौका मांगने वाली याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया, जिन्होंने पिछले साल अक्टूबर में महामारी के कारण मानसिक और शारीरिक आघात की पृष्ठभूमि में अपने सभी प्रयासों को गंवा दिया था. याचिकाकर्ता ने महामारी के दौरान अपने स्वास्थ्य का खयाल रखते हुए 2020 में परीक्षा छोड़ने के विकल्प के बीच परीक्षा की पर्याप्त तैयारी न होने की दलील दी और एक अतिरिक्त मौका देते हुए शीर्ष अदालत से राहत मांगी.

यह भी पढ़ेंः यूपीएससी का सपना देखने वाले छात्रों से अनुभव साझा कर रहे हैं आईपीएस अधिकारी

दलील दी गई कि कोरोना महामारी के दौरान अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखते हुए सभी के पास 2020 में परीक्षा छोड़ने से बचने का एक विकल्प होना चाहिए था, मगर अंतिम प्रयास में परीक्षा में बैठने वालों के लिए कोई विकल्प ही नहीं बचा और उन्हें पर्याप्त तैयारी के बिना ही परीक्षा में बैठना पड़ा. राजू ने जोर देकर कहा कि सरकार आयु-वर्जित उम्मीदवारों पर अपना रुख नरम करने के लिए तैयार नहीं है और कहा कि ये न्यायालय के दायरे से परे नीतिगत मामले हैं.

यह भी पढ़ेंः UPSC IAS pre exam 2020: यूपीएससी सिविल सर्विस प्री परीक्षा नहीं होगी स्थगित, जितेंद्र सिंह ने किया साफ

उन्होंने कहा, यह वह परीक्षा नहीं है, जिसमें आप अंतिम समय में तैयारी करते हैं. लोग एक साथ सालों तक तैयारी करते हैं. बता दें कि केंद्र पहले ही उन उम्मीदवारों को अतिरिक्त मौका देने के लिए सहमत हो गया है, जिन्होंने अक्टूबर 2020 में अपने अंतिम प्रयास को समाप्त कर दिया था. हालांकि, केंद्र की छूट इस शर्त के साथ है कि ऐसे उम्मीदवार आयु-वर्जित नहीं होने चाहिए.

First Published : 10 Feb 2021, 08:03:34 AM

For all the Latest Education News, Career News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.