News Nation Logo

पहली नौकरी से ही उठाएं ये जरूरी कदम, नहीं होगी फाइनेंशियल प्रॉब्लम

Investment Tips: जानकारों का कहना है कि लोगों को पहली सैलरी आने के बाद ही म्यूचुअल फंड में SIP शुरू कर देनी चाहिए. अपनी कमाई और रिस्क को देखते हुए विशेषज्ञों से सलाह लेकर ही म्यूचुअल फंड में निवेश करना चाहिए.

Business Desk | Edited By : Dhirendra Kumar | Updated on: 05 Oct 2021, 01:33:25 PM
Investment Tips

Investment Tips (Photo Credit: NewsNation)

highlights

  • पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) में निवेश के लिए टैक्स में छूट मिलता है
  • नौकरी की शुरुआत करने वालों को हेल्थ इंश्योरेंस और लाइफ इंश्योरेंस लेना चाहिए

नई दिल्ली:

Investment Tips: पहली नौकरी से मिलने वाली पहली सैलरी की बात ही कुछ और होती है. उस समय के अनुभव को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है. नौकरी के शुरुआती दौर में लोगों को निवेश को लेकर जागरुकता नहीं होती है. अब यहां सवाल उठता है कि पहली सैलरी से क्या करना चाहिए. क्या हमें उस पैसे का इस्तेमाल अपनी लग्जरी को पूरा करने के लिए करना चाहिए. या फिर उसका इस्तेमाल निवेश में किया जाए. हालांकि कुछ लोगों के लिए निवेश शब्द अटपटा लग सकता है और उनके लिए यह तय करना काफी मुश्किल काम हो सकता है कि वह क्या करें? आज की इस रिपोर्ट में हम आपकी इसी उलझन को दूर करने की कोशिश करेंगे और बताने की कोशिश करेंगे कि आप निवेश के कौन से विकल्प का चुनाव कर सकते हैं. 

यह भी पढ़ें: ICICI म्यूचुअल फंड ने लॉन्च की नई स्कीम, जानिए कैसे होगा फायदा

निवेश के इन विकल्पों से कर सकते हैं निवेश की शुरुआत
जानकारों का कहना है कि लोगों को पहली सैलरी आने के बाद ही म्यूचुअल फंड में SIP शुरू कर देनी चाहिए. अपनी कमाई और रिस्क को देखते हुए विशेषज्ञों से सलाह लेकर ही म्यूचुअल फंड में निवेश करना चाहिए. जानकारों का कहना है कि SIP में कम से कम रुपये में निवेश को शुरू करना चाहिए. वहीं अगर सुरक्षित निवेश की जहां तक बात आती है तो फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixed Deposit-FD) से बेहतर कोई भी विकल्प नहीं हो सकता है. FD बगैर रिस्क के निवेश करने वालों के लिए सबसे बेहतर ऑप्शन है. हालांकि पूर्व के मुकाबले मौजूदा समय में इस पर ब्याज काफी कम मिल रहा है, उसके बावजूद अभी भी यह निवेशकों की पसंद बना हुआ है.

बता दें कि सरकार निवेशकों को पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) में निवेश के लिए टैक्स में छूट भी देती है. मौजूदा समय में सेक्शन 80C के तहत PPF में निवेश की गई रकम पर टैक्स छूट की अधिकतम सीमा 1.5 लाख रुपये है. दरअसल पीपीएफ आपको हरतरह से टैक्स बचाने का मौका देती है. जहां निवेश किए गए रकम पर टैक्स में छूट मिलती है तो वहीं ब्याज पर भी टैक्स नहीं लगता है. यही नहीं जब आपका पीपीएफ अकाउंट मैच्योर हो जाता है तो मिलने वाली पूरी रकम भी पूरी तरह से टैक्स फ्री होती है. 

यह भी पढ़ें: LIC Jeevan Shiromani Policy: LIC के इस प्लान में मिलता है एक करोड़ रुपये का इंश्योरेंस, 4 साल तक देना होगा प्रीमियम

हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस
नौकरी की शुरुआत करने वाले लोगों को हेल्थ इंश्योरेंस और लाइफ इंश्योरेंस का चुनाव जरूर करना चाहिए. दरअसल, इस समय इनको लेने से फायदा यह होता है कि इनका प्रीमियम काफी कम होता है और आपको कवर भी ज्यादा मिलता है. 

इमरजेंसी फंड को बनाएं
नौकरी की शुरुआत करने वाले लोगों को अपनी पहली सैलरी से ही इमरजेंसी फंड को लेकर योजना बना लेनी चाहिए ताकि किसी अप्रत्याशित संकट के समय उसका इस्तेमाल किया जा सके. बता दें कि कोविड महामारी की वजह से कई तरह की समस्याएं लोगों के सामने आई हैं और जिन्हें देखते हुए इमरजेंसी फंड को बनाना बेहद जरूरी हो गया है.

First Published : 05 Oct 2021, 01:33:25 PM

For all the Latest Business News, Personal Finance News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.

वीडियो