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महामारी के बावजूद मई में GST राजस्व के रूप में 1 लाख करोड़ रुपये की वसूली

मई 2021 में GST राजस्व पिछले महीने में अर्जित किए गए 1.41 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड संग्रह से कम है, जो कि 2017 में नई कर प्रणाली की शुरुआत के बाद से सबसे अधिक दर्ज किया गया था.

Written By : | Edited By : Dhirendra Kumar | Updated on: 06 Jun 2021, 11:36:37 AM
GST

GST (Photo Credit: IANS )

highlights

  • मई 2021 की राजस्व वसूली पिछले साल के इसी महीने में जीएसटी राजस्व वसूली से 65 प्रतिशत अधिक है
  • मई 2021 में सकल वस्तु एवं सेवा कर-जीएसटी राजस्व के रूप में 1,02,709 करोड़ रुपये की वसूली की गई
     

नई दिल्ली:

भारत का सकल वस्तु एवं सेवा कर (GST Collections) राजस्व संग्रह 1 लाख करोड़ रुपये के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर रहा है. यह मई 2021 में 1,02,709 करोड़ रुपये के उच्च स्तर पर पहुंच गया, जिसने कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के कारण हुए व्यवधानों के मद्देनजर कम संग्रह की सभी उम्मीदों को पीछे छोड़ दिया है. हालांकि मई 2021 में जीएसटी राजस्व पिछले महीने में अर्जित किए गए 1.41 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड संग्रह से कम है, जो कि 2017 में नई कर प्रणाली की शुरुआत के बाद से सबसे अधिक दर्ज किया गया था. यह कर संग्रह भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा हैं, क्योंकि अधिकांश कर विशेषज्ञों को डर था कि महामारी और देश के विभिन्न हिस्सों में लॉकडाउन के कारण मई में जीएसटी संग्रह काफी कम रह सकता है.

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वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा, मई 2021 की राजस्व वसूली पिछले साल के इसी महीने में जीएसटी राजस्व वसूली से 65 प्रतिशत अधिक है. बयान में कहा गया है कि महीने के दौरान, वस्तुओ के आयात से राजस्व वसूली 56 प्रतिशत अधिक थी और घरेलू लेनदेन (सेवाओं के आयात सहित) से राजस्व वसूली पिछले वर्ष के इसी महीने के दौरान इन स्रोतों से प्राप्त राजस्व वसूली की तुलना में 69 प्रतिशत अधिक है. बयान के अनुसार, मई 2021 में सकल वस्तु एवं सेवा कर-जीएसटी राजस्व के रूप में 1,02,709 करोड़ रुपये की वसूली की गई है, जिसमें से सीजीएसटी 17,592 करोड़ रुपये, एसजीएसटी 22,653 करोड़ रुपये और आईजीएसटी 53,199 करोड़ रुपये हैं (वस्तुओं के आयात पर वसूली गई 26,002 करोड़ रुपये राशि सहित) और उपकर 9,265 करोड़ रुपये (वस्तुओं के आयात पर वसूली गई 868 करोड़ रुपये की राशि सहित) शामिल हैं.

इन आंकड़े में 4 जून तक घरेलू लेनदेन की माध्यम से जीएसटी की वसूली राशि शामिल है, क्योंकि करदाताओं को कोविड महामारी की दूसरी लहर के मद्देनजर मई-2021 के लिए रिटर्न फाइलिंग में 15 दिनों के लिए देरी से रिटर्न दाखिल करने पर ब्याज में छूट/ब्याज के रूप में विभिन्न राहत उपाय दिए गए थे. बयान में कहा गया है कि इस महीने के दौरान सरकार ने नियमित निपटान के रूप में आईजीएसटी से 15,014 करोड़ रुपये सीजीएसटी और 11,653 करोड़ रुपये एसजीएसटी को निपटान किया है. यह लगातार आठवां महीना होगा, जब जीएसटी राजस्व वसूली 1 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गई है। अधिकांश राज्यों में कोविड महामारी के कारण सख्त लॉकडाउन जारी होने के बावजूद जीएसटी राजस्व वसूली में यह उपलब्धि प्राप्त हुई है.

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इसके अलावा, 5 करोड़ से अधिक लेनदेन वाले करदाताओं को 4 जून तक अपना रिटर्न दाखिल करने का अवसर दिया गया था, हालांकि उन्हें 20 मई की नियति तिथि तक जीएसटी रिटर्न दाखिल करना होता है। 5 करोड़ से कम लेन देन वाले छोटे करदाताओं के पास अब भी जुलाई के पहले सप्ताह तक बिना किसी विलंब शुल्क और ब्याज के रिटर्न फाइल करने का समय है. इन करदाताओं से प्राप्त होने वाली आय को तब तक के लिए टाल दिया गया है. वित्त मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि मई 2021 महीने के लिए वास्तविक राजस्व वसूली, इस प्रकार अधिक होगी और सभी विस्तारित तिथियों की समय सीमा समाप्त होने पर वास्तविक जीएसटी राजस्व वसूली ज्ञात हो सकेगी.

शार्दूल अमरचंद मंगलदास एंड कंपनी के पार्टनर रजत बोस ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, मई 2021 के महीने के लिए संग्रह उम्मीद से अधिक है. हालांकि अधिकांश व्यवसाय अप्रैल में लॉकडाउन के कारण काम नहीं कर रहे थे, इसलिए यह आंकड़ा एक सुखद आश्चर्य के रूप में सामने आया है. यह देखते हुए ये संख्या और भी बढ़नी चाहिए कि ऐसे व्यवसायों के लिए सरकार द्वारा दी गई कोविड से संबंधित छूट के कारण कई छोटे व्यवसायों ने अभी तक अपना रिटर्न दाखिल नहीं किया है. डेलॉइट इंडिया के वरिष्ठ निदेशक एम.एस. मणि ने इस पर कहा कि अप्रैल 2021 के महीने में लेनदेन से संबंधित 1 लाख करोड़ रुपये के संग्रह से संकेत मिलता है कि लॉकडाउन का आर्थिक प्रभाव उम्मीद से बहुत कम रहा है. वित्त वर्ष 2022 में जीएसटी संग्रह पर प्रभाव की सीमा निर्धारित करने के लिए अगले महीने के संग्रह पर कड़ी नजर रखने की आवश्यकता है. -इनपुट आईएएनएस

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First Published : 06 Jun 2021, 11:36:37 AM

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