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क्या महंगा होगा पेट्रोल-डीजल? Photograph: (Google Map/Freepik)
Israel-Iran War: अमेरिका-इजरायल और ईरान बीच जारी युद्ध का असर दुनियाभर के शेयर बाजारों पर देखने को मिल रहा है. कमोडिटी मार्केट में भी इस युद्ध के चलते हाहाकार मचा हुआ है. कच्चे तेल की कीमतों आसमान छूने लगी है. बीते चार दिनों में ही कच्चे तेल की कीमतें करीब 25 प्रतिशत बढ़ चुकी हैं. अगर हालात जल्द नहीं सुधरते तो क्रूड की कीमतों में और उछाल आने की संभावना है. जिसमें सबसे अहम भूमिका होर्मुज़ जलडमरूमध्य की है. जो इस जंग के बाद लगभग बंद हो चुका है. अगर मध्य पूर्व में छिड़ी ये जंग जल्द नहीं थमी तो हालात और भी खराब होने वाले हैं. जिसका असर भारत समेत दुनियाभर के देशों पर देखने को मिल सकता है.
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल जारी
28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका के ईरान पर हमले के बाद से कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है. आज यानी बुधवार को भी डब्ल्यूटीआई, ब्रेंट और मुर्बन क्रूड की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली. 4 मार्च की दोपहर डब्ल्यूटीआई क्रूड का भाव 1.73 डॉलर यानी 2.32 प्रतिशत उछाल के साथ 76.29 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. जबकि ब्रेंट क्रूड का भाव 2.08 डॉलर यानी 2.56 प्रतिशत के उछाल के साथ 83.48 डॉलर प्रति बैरल हो गया. जो मंगलवार को 85 डॉलर प्रति बैरल के पास पहुंच गया था. इसके अलावा मुर्बन क्रूड का भाव 4.76 डॉलर यानी 5.95 प्रतिशत तेजी के साथ 84.74 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया.
100 डॉलर तक जा सकते हैं कच्चे तेल के दाम
इसके साथ ही यूरोप में प्राकृतिक गैस की कीमतों में भी भारी उछाल दर्ज किया गया है. जहां 2023 के बाद प्राकृतिक गैस के दाम सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गए हैं. ये बढ़ोतरी होर्मुज जलडमरूमध्य के लगभग बंद होने की वजह से हुई है. बता दें कि होर्मूज जलडमरूमध्य से ही दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत कच्चे तेल की सप्लाई होती है. इस युद्ध के बाद से कतर ने LNG उत्पादन रोक दिया है जिसके चलते गैस के दाम भी बढ़ गए हैं. एक्सपर्ट का कहना है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय तक बंद रहा तो तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती हैं.
महंगा हो सकता है पेट्रोल-डीजल
होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने का असर भारत पर भी पड़ सकता है. क्योंकि वैश्विक बाजार में क्रूड की कीमतों में उछाल ऐसे ही जारी रहा तो आने वाले समय में देश की तेल कंपनियां पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाने को मजबूर हो जाएंगी. क्योंकि महंगा क्रूड खरीदने के बाद देश में पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर रखना तेल कंपनियों के लिए मुश्किल हो जाएगा. ऐसे में उन्हें पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 5-7 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है.
आखिर क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनियाभर के कई देशों के लिए बेहद जरूरी है. अगर इसकी भौगोलिक स्थिति देखें तो ये संकरा रास्ता फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है. दुनिया का करीब 80 फीसदी व्यापार समुद्र के द्वारा ही होता है. इनमें कुछ रास्ते चोक पॉइंट माने जाते हैं ऐसे में होर्मुज दुनिया का सबसे संवेदनशील चोक पॉइंट है. फासर की खाड़ी ईरान, इराक, कुवैत, सऊदी अरब, बहरीन, कतर, यूएई और ओमान को जोड़ती है. इसीलिए ये इन देशों के लिए व्यापार का एक प्रमुख रास्ता है. इसी रास्ते के जरिए दुनिया के तेल का एक बड़ा हिस्सा यहां से होकर गुजरता है.
भारत ही नहीं ये देश भी होंगे बुरी तरह से प्रभावित
होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के कई अन्य देशों पर भी भारी असर पड़ेगा. इनमें चीन, जापान और दक्षिण कोरिया का नाम भी शामिल है. क्योंकि जापान के पास अपना तेल नहीं है और वह अपनी ऊर्जा जरूरतों का 80 प्रतिशत हिस्सा होर्मुज के रास्ते ही पूरा करता है. अगर सप्लाई रुकी तो जापान का टेक और ऑटोमोबाइल सेक्टर बुरी तरह से प्रभावित होगा. चीन भी अपनी जरूरत का करीब 45 प्रतिशत तेल इसी रास्ते से मंगाता है, जबकि दक्षिण कोरिया अपनी जरूरत का 70 फीसदी तेल होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते से ही मंगागा है. ऐसे में इन दोनों देशों पर भी भारी असर पड़ सकता है.
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