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चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में गोल्ड इंपोर्ट (Gold Import) में भारी गिरावट, जानिए क्या है वजह

कोविड-19 महामारी (Coronavirus Epidemic) के बीच मांग में गिरावट के चलते सोने के आयात (Gold Import) में कमी आई है. उल्लेखनीय है कि सोने का आयात देश के चालू खाते के घाटे (CAD) को प्रभावित करता है.

Written By : बिजनेस डेस्क | Edited By : Dhirendra Kumar | Updated on: 19 Oct 2020, 08:50:07 AM
Gold Rate Today

Gold Rate Today (Photo Credit: newsnation)

नई दिल्ली:

सोने का आयात (Gold Import) चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) के दौरान 57 प्रतिशत घटकर 6.8 अरब डॉलर या 50,658 करोड़ रुपये रहा है. वाणिज्य मंत्रालय  (Commerce Ministry) के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है. कोविड-19 महामारी (Coronavirus Epidemic) के बीच मांग में गिरावट के चलते सोने के आयात में कमी आई है. उल्लेखनीय है कि सोने का आयात देश के चालू खाते के घाटे (CAD) को प्रभावित करता है. इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में सोने का आयात 15.8 अरब डॉलर या 1,10,259 करोड़ रुपये रहा था.

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अप्रैल-सितंबर के दौरान चांदी का इंपोर्ट 63.4 प्रतिशत घटा
इसी तरह अप्रैल-सितंबर के दौरान चांदी का आयात (Silver Import) भी 63.4 प्रतिशत घटकर 73.35 करोड़ डॉलर या 5,543 करोड़ रुपये रह गया. सोने और चांदी (Gold Silver Rate Today) के आयात में कमी से देश का चालू खाते का घाटा कम हुआ है. आयात और निर्यात के अंतर को कैड कहा जाता है. अप्रैल-सितंबर में कैड घटकर 23.44 अरब डॉलर रह गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 88.92 अरब डॉलर रहा था.

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पहली छमाही में रत्न एवं आभूषणों का एक्सपोर्ट 55 फीसदी घटा
भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना आयातकों में से है. यहां सोने का आयात मुख्य रूप से आभूषण उद्योग की मांग को पूरा करने के लिए किया जाता है. भारत सालाना 800 से 900 टन सोने का आयात करता है. चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में रत्न एवं आभूषणों का निर्यात 55 प्रतिशत घटकर 8.7 अरब डॉलर रहा.

First Published : 19 Oct 2020, 08:50:07 AM

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