'भारत और रूस एक दूसरे के अभिन्न मित्र देश', ऐतिहासिक समझौते के मौके पर बोले बाबा रामदेव

पतंजलि समूह की ओर से स्वामी रामदेव तथा मॉस्को सरकार (रूस) की ओर से भारत-रूस व्यापार परिषद के अध्यक्ष एवं रूस के वाणिज्य मंत्री सर्गेई चेरेमिन ने MOU पर हस्ताक्षर किए.

पतंजलि समूह की ओर से स्वामी रामदेव तथा मॉस्को सरकार (रूस) की ओर से भारत-रूस व्यापार परिषद के अध्यक्ष एवं रूस के वाणिज्य मंत्री सर्गेई चेरेमिन ने MOU पर हस्ताक्षर किए.

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Mohit Saxena
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भारत और रूस मित्र देश हैं. भारत का रूस से इमोशनल कनेक्शन है. आजादी से पहले भी था और आज भी है. भारत में लोग रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतीन को एक सशक्त ग्लोबल लीडर के तौर पहचानते हैं. उनके शौर्य, वीरता व पराक्रम से पूरा विश्व परिचित है. ये बातें योग गुरु बाबा रामदेव ने पतंजलि समूह तथा रूस सरकार के दिल्ली में एक अहम समझौते के मौके पर कहीं. उन्होंने कहा कि भारत व रूस की मैत्री से कुछ बड़े लोग खुश नहीं हैं. लेकिन किसी भी परिस्थिति में रूस भारत का मित्र था, है और रहेगा.

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साझेदारी को मजबूत बनाएंगे

आध्यात्मिक, धार्मिक, आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से भारत व रूस एक दूसरे के अभिन्न मित्र देश हैं और रहेंगे. इस दौरान भारत-रूस व्यापार परिषद के अध्यक्ष एवं रूस के वाणिज्य मंत्री सर्गेई चेरेमिन ने कहा कि हम पतंजलि के साथ अपनी साझेदारी को मजबूत बनाएंगे. उन्होंने कहा कि पतंजलि के योग,आयुर्वेद व प्राकृतिक चिकित्सा का लाभ लेकर हम रूस के लोगों की जीवनशैली में बदलाव करेंगे. उन्हें निरोगी बनाएंगे.

इस मौके पर ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर हुए. इसमें पतंजलि समूह की ओर से स्वामी रामदेव तथा मॉस्को सरकार (रूस) की ओर से भारत-रूस व्यापार परिषद के अध्यक्ष एवं रूस के वाणिज्य मंत्री सर्गेई चेरेमिन ने हस्ताक्षर किए. कार्यक्रम में स्वामी रामदेव ने कहा कि यह एमओयू स्वास्थ्य एवं वेलनेस का संवर्धन, स्वास्थ्य पर्यटन, कुशल मानव संसाधन का आदान प्रदान के साथ अनुसंधान आदि विषयों पर केंद्रित है. 

रूस में लोगों को आयुर्वेद व प्राकृतिक चिकित्सा है पसंद 

बाबा रामदेव ने बताया कि रूस में योग, आयुर्वेद व प्राकृतिक चिकित्सा को लोग पसंद करते हैं. इनका अनुसरण भी करते हैं. उन्होंने कहा कि सर्वप्रथम हमें ऋषियों की इस वैलनेस विधा को पूरे विश्व में करीब 200 देशों में पहुंचाना है. इसका एंट्री प्वाइंट रूस ही होगा. इस एमओयू के पहला अहम बिन्दु रूस में पतंजलि की वैलनेस सेवाओं का विस्तार करना है. हम रूस के साथ मिलकर Age को Reverse करने, Longivity पर गहन अनुसंधान करेंगे. इससे गंभीर रोगों को का मानव शरीर में आने से वर्षों पहले ही पता किया जा सकेगा. इसका दूसरा पहलू भारत के आध्यात्मिक ज्ञान, संस्कृति, योग, आयुर्वेद तथा भारत की अमूल्य धरोहरों से संबंधित ज्ञान को रूस के संग साझा करना है. 

2 लाख से ज्यादा लोगों को प्रशिक्षण प्रदान किया

एमओयू का तीसरा बिन्दु रूस को भारत की ओर से स्किल्ड लेबर व कुशल योगी उपलब्ध कराना है. पीएम कौशल विकास योजना के तहत 2 लाख से ज्यादा लोगों को प्रशिक्षण प्रदान करने वाला पतंजलि ही एकमात्र प्राइवेट पार्टनर रहा है. हम रूस  को कुशल योगी व कुशल श्रमिक उपलब्ध कराएंगे. साथ ही इस एमओयू के तहत भारत के उच्च स्तरीय ब्रांड्स को रूस में तथा रूसी ब्रांड्स को भारत में प्रोमोट करेंगे. हम विश्वस्तरीय पतंजलि ब्रांड को रशिया लेकर जाएंगे, इससे पतंजलि के गुणवत्तायुक्त उत्पादों का लाभ रूस के नागरिकों को भी मिलेगा.

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