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Income Tax 2019-20 भरने की तारीख को 31 जुलाई 2020 से बढ़ाकर 30 नवंबर किया गया

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत 3 महीने के लिए कर्मचारियों और एम्प्लायर का ईपीएफ योगदान सरकार दे रही थी. पहले मार्च, अप्रैल और मई के बाद अब इसे 3 महीने और बढ़ाया गया है यानी जून, जुलाई और अगस्त का ईपीएफ योगदान भी (कर्मचारियों और एम्प्लॉयर का हिस्सा) सरकार देगी.

News Nation Bureau | Edited By : Ravindra Singh | Updated on: 13 May 2020, 06:27:16 PM
income tax

इनकम टैक्स (Photo Credit: फाइल)

नई दिल्ली:

पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राष्ट्र के नाम संबोधन के दौरान 20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की थी. वित्तमंत्री निर्मलासीतारमण ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि इस आर्थिक पैकेज का फायदा देश के किस-किस वर्ग के लोगों को मिला है. वित्तमंत्री ने बताया कि कोविड-19 महामारी के दौरान इस बार सरकार ने साल 2019-2020 के टैक्स रिटर्न की आखिरी तारीख 31 जुलाई से बढ़ाकर 30 नवंबर कर दी गई है. इसके पहले केंद्र सरकार ने देश के निजी सेक्टर में नौकरी करने वाले कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है. केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया है कि जून, जुलाई और अगस्त का भी ईपीएफ सरकार की ओर से दिया जाएगा.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत 3 महीने के लिए कर्मचारियों और एम्प्लायर का ईपीएफ योगदान सरकार दे रही थी. पहले मार्च, अप्रैल और मई के बाद अब इसे 3 महीने और बढ़ाया गया है यानी जून, जुलाई और अगस्त का ईपीएफ योगदान भी (कर्मचारियों और एम्प्लॉयर का हिस्सा) सरकार देगी. उन्होंने बताया कि इस पर 2500 करोड़ रुपये खर्च होंगे. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज में एक सुविधा दी गई थी कि 12-12 फीसदी ईपीएफ कर्मचारी और नौकरी देने वाले को भारत सरकार देगी. ये पहले तीन महीनों के लिए किया गया था, जिसे बढ़ाकर अगले तीन महीने जून, जुलाई और अगस्त तक कर दिया गया है. वित्त मंत्री ने कहा कि 3,67,000 ऐसी संस्थाओं के 72,22,000 ऐसे कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा. इनको कुल मिलाकर 2500 करोड़ का लाभ मिलेगा.

ईपीएफ में कंपनियों को महज 10 फीसदी ही देना होगा
इसके अलावा केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया है कि कंपनियों का ईपीएफ में अब सिर्फ 10 प्रतिशत देना पड़ेगा. 72 लाख 42 लाख कर्मचारियों को मिलेगा इसका फायदा होगा. साथ ही 15 हजार से कम सैलरी वाले कर्मचारियों की सैलरी से कटने वाले 12 प्रतिशत ईपीएफ की जगह भी अब 10 प्रतिशत ही ईपीएफ काटा जाएगा. इन दोनों कर्मचारियों की सैलेरी का 24 प्रतिशत (कर्मचारियों और एम्प्लॉयर का हिस्सा) पीएफ सरकार जमा करेगी.

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कुटीर उद्योग और घरेलू उद्योग भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि हमारे पास जो गरीबों, जरूरतमंदों, प्रवासियों, दिव्यांगों और देश के वृद्धों के प्रति जो जिम्मेदारी है उसे हम नहीं भूलेंगे. उन्होंने घोषणा की कि मध्यम, सूक्ष्म, लघु उद्योग, कुटीर उद्योग और घरेलू उद्योग भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं. इन MSME's को 3 लाख करोड़ रुपए का कोलेट्रल फ्री ऑटोमैटिक लोन दिया जाएगा. इसमें आपको किसी भी तरह की गारंटी और कोई कोलेट्रल देने की जरूरत नहीं है. इसकी समय सीमा 4 वर्ष होगी और पहले 1 साल मूलधन नहीं चुकाना होगा.

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आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े कदम
केंद्रीय वित्त मंत्री ने बताया किया कि 25 लाख से लेकर 1करोड़ रुपए की इन्वेस्टमेंट कर जो 5 करोड़ तक का व्यापार करेगा माइक्रो यूनिट कहलाएगा. स्मॉल के लिए 10 करोड़ तक का निवेश और 50 करोड़ तक का कारोबार और मीडियम में 20 करोड़ तक का निवेश और 100 करोड़ तक के टर्नओवर का प्रावधान किया गया है. उन्होंने कहा कि 200 करोड़ से कम वाले में ग्लोबल टेंडर नहीं होंगे. इससे लघु ,सूक्ष्म, मध्यम उद्योगों को लाभ मिलेगा। आत्मनिर्भर भारत की तरफ ये एक और कदम है.

First Published : 13 May 2020, 05:23:19 PM

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