News Nation Logo

चीनी मिलों पर गन्ने के दाम का बकाया करीब 20,000 करोड़, यूपी में सबसे ज्यादा

Sugar Latest News: अंतर्राष्ट्रीय बाजार में चीनी के दाम में तेजी आने से भारत से चीनी का निर्यात बढ़ा है. इस्मा से मिली जानकारी के अनुसार, चालू सीजन में अक्टूबर से दिसंबर के दौरान 3.18 लाख टन चीनी का निर्यात हुआ.

IANS | Updated on: 18 Mar 2021, 12:55:40 PM
Sugar Latest News

Sugar Latest News (Photo Credit: NewsNation)

highlights

  • भारत ने चालू चीनी सीजन 2020-21 (अक्टूबर-सितंबर) में अब तक करीब 43 लाख टन चीनी निर्यात के सौदे किए
  • उद्योग संगठन आकलन के अनुसार भारत में चालू सीजन के दौरान चीनी का उत्पादन 302 लाख टन हो सकता है

नई दिल्ली:

Sugar Latest News: देश की चीनी मिलों ( Sugar Mills) पर गन्ने के दाम का बकाया फिर बढ़कर करीब 20,000 करोड़ रुपये हो गया है और इसमें सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों पर 10,000 करोड़ रुपये के करीब है. यह जानकारी केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी. अधिकारी ने बताया कि लगातार दूसरे साल चीनी निर्यात के मोर्चे पर अच्छी प्रगति होने से गन्ना किसानों के बकाये के भुगतान में मदद मिली है, हालांकि तकरीबन 20,000 करोड़ रुपये अभी भुगतान होना है जोकि तकरीबन पिछले साल के बराबर है. उन्होंने बताया कि इसमें करीब 1,000 से 1,500 करोड़ रुपये की राशि 14 दिनों से कम अवधि के दौरान की है. दरअसल, चीनी मिलों को किसानों से गन्ना खरीदने के 14 दिनों के भीतर उसके दाम का भुगतान करना होता है. इसलिए 14 दिनों तक भुगतान नहीं होने पर उस राशि को बकाया राशि कहते हैं.

यह भी पढ़ें: कच्चे तेल में नरमी से मिलेगी पेट्रोल, डीजल की महंगाई से राहत!

चालू चीनी सीजन में अब तक करीब 43 लाख टन चीनी निर्यात के सौदे
भारत ने चालू चीनी सीजन 2020-21 (अक्टूबर-सितंबर) में अब तक करीब 43 लाख टन चीनी निर्यात के सौदे कर लिए हैं. यह जानकारी इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (इस्मा) ने एक दिन पहले जारी एक रिपोर्ट में दी. इस प्रकार सरकार द्वारा चालू सीजन 2020-21 के लिए एमएईक्य (अधिकतम स्वीकार्य निर्यात कोटा) स्कीम के तहत चीनी निर्यात का तय कोटा 60 लाख टन के 71.6 फीसदी के सौदे हो चुके हैं. देश में चीनी का स्टॉक घरेलू खपत के मुकाबले काफी ज्यादा है, लेकिन सब्सिडी के बगैर निर्यात होना संभव नहीं है. ऐसे में एमएईक्यू के तहत चीनी निर्यात के कोटा बढ़ोतरी की संभावना को लेकर पूछे गए सवाल पर केंद्रीय खाद्य मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि फिलहाल इस संबंध में कोई विचार नहीं किया गया है.

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में चीनी के दाम बढ़ने से घरेलू एक्सपोर्ट बढ़ा
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में चीनी के दाम में तेजी आने से भारत से चीनी का निर्यात बढ़ा है. इस्मा से मिली जानकारी के अनुसार, चालू सीजन में अक्टूबर से दिसंबर के दौरान 3.18 लाख टन चीनी का निर्यात हुआ जोकि पिछले सीजन 2019-20 के कोटे के तहत किया गया जबकि चालू सीजन के लिए 31 दिसंबर को कोटे की घोषणा होने के बाद 22 लाख टन चीनी देश के बाहर चा चुकी है. हालांकि सूत्र बताते हैं कि कंटेनर के अभाव में पोतपरिवहन में आ रही कठिनाइयों से चीनी निर्यात पर भी असर पड़ा है. सूत्र ने बताया कि कंटेनर के अभाव में निर्यात में कठिनाई के साथ-साथ पोत-परिवहन की लागत भी बढ़ गई है. वैश्विक वायदा बाजार लंदन शुगर फ्यूचर्स में बीते सत्र में सफेद चीनी का भाव 458.50 डॉलर प्रति टन था, जबकि अमेरिकी वायदा बाजार में कच्ची चीनी का भाव 16 सेंट प्रति पौंड था.

यह भी पढ़ें: Gold Price Today: Fed के फैसले से सोने-चांदी में उछाल, देश के सर्राफा बाजार में बनी रहेगी रौनक

हाजार बाजार में चीनी के दाम
वहीं, बंबई शुगर मर्चेंट एसोसिएशन की रेट लिस्ट के अनुसार, एस-ग्रेड चीनी का भाव बुधवार को 3,162 रुपये से 3,222 रुपये प्रतिक्विंटल था जबकि एम-ग्रेड चीनी का भाव 3,226 रुपये से 3,362 रुपये प्रतिक्विंटल था. वहीं, नाका डिलीवरी रेट के अनुसार, एस-ग्रेड चीनी का भाव 3,120 रुपये से 3,170 रुपये प्रतिक्विंटल था जबकि एम-ग्रेड चीनी का भाव 3,160 रुपये से 3,310 रुपये प्रतिक्विंटल था. इस प्रकार, घरेलू बाजार और वैश्विक बाजार में चीनी का भाव तकरीबन एक समान ही चल रहा है, लेकिन जानकार बताते हैं कि बगैर सब्सिडी के चीनी का निर्यात संभव नहीं है. इस्मा द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, चालू सीजन में 15 मार्च 2021 तक देश में चीनी का कुल उत्पादन 258.68 लाख टन हुआ, जो पिछले सीजन की समान अवधि के 216.13 लाख टन से 19.68 फीसदी ज्यादा है.

उद्योग संगठन आकलन के अनुसार भारत में चालू सीजन के दौरान चीनी का उत्पादन 302 लाख टन हो सकता है जबकि पिछले सीजन में देश में चीनी का उत्पादन 274 लाख टन था। पिछले साल का बकाया स्टॉक 107 लाख टन को मिलाकर देश में इस साल चीनी की कुल सप्लाई चालू सीजन में 409 लाख टन रहने का अनुमान है, जबकि घरेलू खपत तकरीबन 260-265 लाख टन रहने का अनुमान है और निर्यात 60 लाख टन होने के बाद अगले सीजन के लिए बकाया स्टॉक 90 लाख टन से कम रहेगा.

इनपुट आईएएनएस

LIVE TV NN

NS

NS

First Published : 18 Mar 2021, 12:53:57 PM

For all the Latest Business News, Commodity News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.