News Nation Logo
Banner

Kharif Crop Sowing Report: देश में इस साल रिकॉर्ड खरीफ फसल की खेती, धान के रकबे में 10 फीसदी का उछाल

Kharif Crop Sowing Report: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर सेजारी आंकड़ों के अनुसार, देशभर में 1,082.22 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बुवाई हो चुकी है जो कि पिछला रिकॉर्ड 1,075.71 लाख हेक्टेयर से अधिक है.

IANS | Updated on: 29 Aug 2020, 07:51:04 AM
Kharif Crop Sowing Report

Kharif Crop Sowing Report (Photo Credit: IANS)

नई दिल्ली:

Kharif Crop Sowing Report: मानसून के मेहरबान रहने से देश में खरीफ फसलों की रिकॉर्ड बुवाई हो चुकी है, जबकि कई फसलों की बुवाई (All India Crop Situation) अभी जारी है. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर सेजारी आंकड़ों के अनुसार, देशभर में 1,082.22 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बुवाई हो चुकी है जोकि पिछला रिकॉर्ड 1,075.71 लाख हेक्टेयर से अधिक है. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास तथा पंचायती राज मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने इसका श्रेय किसानों को देते हुए कहा कि किसानों की उन्नति ही सरकार का लक्ष्य है.

यह भी पढ़ें: घर से बाहर निकलने से पहले चेक कर लें आज के पेट्रोल-डीजल के रेट 

2019 की तुलना में 13 लाख हेक्टेयर अधिक खरीफ फसल की बुवाई

उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से किसानों के लिए अनेक योजनाएं और कार्यक्रम लागू चलाए गए हैं, जिनके नतीजे सामने आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र के विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है. तोमर ने एक बयान में कहा कि चालू खरीफ सीजन में रिकॉर्ड 1082.22 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बुवाई हो चुकी है, जोकि 2019 की तुलना में 13 लाख हेक्टेयर अधिक है. खरीफ सीजन 2019 के दौरान कुल रकबा 1069.5 लाख हेक्टेयर था, जबकि इससे पहले खरीफ सीजन में रिकॉर्ड बुवाई 2016 के दौरान 1075.71 लाख हेक्टेयर में हुई थी. केंद्रीय मंत्री तोमर ने कहा, "हम आश्वस्त हैं कि फसल वर्ष 2020-21 (जुलाई-जून) के दौरान कुल खाद्यान्न उत्पादन का आंकड़ा 29.83 करोड़ टन को पार कर जाएगा. इसमें खरीफ सीजन में14.99 करोड़ टन है. खरीफ सीजन की फसलें मुख्य रूप से बारिश आधारित होती है और इस वर्ष अच्छे मानसून के साथ-साथ किसानों की मेहनत से यह प्रगति मिली है.

यह भी पढ़ें: Sukanya Samriddhi Yojana: बेटियों का भविष्य संवारने में मददगार है सुकन्या समृद्धि योजना

कृषि मंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी का खरीफ फसलों की बुवाई पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा. हमारे देश की अर्थव्यवस्था कृषि आधारित है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फोकस कृषि क्षेत्र की प्रगति पर है. प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में कृषि मंत्रालय व राज्य सरकारों ने मिशन कार्यक्रमों व फ्लैगशीप स्कीमों को सफलतापूर्वक लागू करने की कोशिश की है. उन्होंने कहा कि कोरोनावायरस की रोकथाम के मद्देनजर किए गए देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान भी कृषि से संबंधित तमाम गतिविधियों को छूट दी गई, जिसका परिणाम यह हुआ है रबी फसलों की कटाई निर्बाध तरीके से हो पाई और ग्रीष्मकालीन फसलों की बुवाई भी पिछली बार से करीब 40 फीसदी ज्यादा हुई.

यह भी पढ़ें: LIC Jeevan Akshay-VII Policy: LIC की इस स्कीम में पैसा लगाएं जीवनभर कमाई की गारंटी पाएं

दलहनों का रकबा पिछले साल से 4.60 फीसदी अधिक

चालू बुवाई सीजन में धान का रकबा पिछले साल से करीब 10 फीसदी बढ़कर 389.81 लाख हेक्टेयर हो गया है. वहीं, दलहनों का रकबा पिछले साल से 4.60 फीसदी बढ़कर 134.57 लाख हेक्टेयर हो गया है. किसानों ने इस साल मोटे अनाजों की बुवाई 176.89 लाख हेक्टेयर में की है, जोकि पिछले साल से 2.55 फीसदी अधिक है. तिलहन फसलों की बुवाई 193.29 लाख हेक्टेयर में हुई है जोकि पिछले साल से 13.04 फीसदी ज्यादा है. गन्ने का रकबा 52.29 लाख हेक्टेयर और कपास का 128.41 लाख हेक्टेयर हो चुका है. वहीं, जूट व मेस्ता की बुवाई 6.97 लाख हेक्टेयर में हुई है.

First Published : 29 Aug 2020, 07:51:04 AM

For all the Latest Business News, Commodity News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.

वीडियो