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प्याज की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए मोदी सरकार ने फिर लिया बड़ा फैसला

विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि प्याज बीज (Onion Seed) के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जा रही है. चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से अगस्त के दौरान 5.7 लाख डॉलर के प्याज बीज का निर्यात हुआ है.

News Nation Bureau | Edited By : Dhirendra Kumar | Updated on: 30 Oct 2020, 08:34:13 AM
ONION

ONION (Photo Credit: IANS )

नई दिल्ली:

केंद्र की नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) सरकार ने प्याज बीजों (Onion Seed) के निर्यात (Export) पर तत्काल प्रभाव से लगा दी है. घरेलू बाजार में प्याज की कीमतों (Onion Price) में उछाल के मद्देनजर सरकार ने यह कदम उठाया है. अभी इसके निर्यात पर नियंत्रण लगे हुए थे और बिना लाइसेंस लिए इसका निर्यात नहीं किया जा सकता था. विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) की ओर से बृहस्पतिवार को जारी अधिसूचना में कहा गया है कि प्याज बीज के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जा रही है. 

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अप्रैल से अगस्त के दौरान 5.7 लाख डॉलर के प्याज बीज का निर्यात
चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से अगस्त के दौरान 5.7 लाख डॉलर के प्याज बीज का निर्यात हुआ है. वहीं 2019-20 के पूरे वित्त वर्ष में प्याज बीज का निर्यात 35 लाख डॉलर रहा था. डीजीएफटी कीमतों पर अंकुश के लिए प्याज के निर्यात पर पहले ही रोक लगा चुका है. उपभोक्ता मामलों की सचिव लीना नंदन ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि केंद्र ने खुदरा और थोक व्यापारियों पर 31 दिसंबर तक प्याज के भंडारण की सीमा भी लगाई है. 

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खुदरा व्यापारी सिर्फ दो टन प्याज का कर सकते हैं स्टॉक
खुदरा व्यापारी सिर्फ दो टन प्याज का भंडारण कर सकते हैं. वहीं थोक व्यापारियों को 25 टन प्याज का भंडारण करने की अनुमति होगी. भारी बारिश की वजह से प्याज की खरीफ की खड़ी फसल को काफी नुकसान हुआ है. इससे पिछले कुछ सप्ताह के दौरान प्याज का भाव 70 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया है. 

बता दें कि बीते दिनों देश के प्रमुख प्याज उत्पादक राज्यों में खासतौर से दक्षिणी प्रांतों में भारी बारिश के कारण प्याज की फसल खराब हो जाने से इसकी कीमतों में भारी इजाफा हुआ है. आसमान छूते प्याज के दाम पर लगाम लगाने के मकसद से सरकार ने इसके निर्यात पर रोक लगाने के साथ-साथ आयात के नियमों में भी ढील दी है जिसके बाद विदेशी प्याज देश के विभिन्न बाजारों में उतरने लगे हैं.

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हालांकि कीमतों में कोई खास नरमी नहीं आई है. प्याज की कीमतों पर नियंत्रण के विभिन्न उपायों के तहत केंद्र सरकार ने थोक विक्रेताओं और खुदरा विक्रेताओं के लिए प्याज भंडारण की सीमा तय कर दी है जिसके तहत थोक विक्रेता 25 टन और ,खुदरा विक्रेता दो टन से अधिक प्याज का स्टॉक नहीं रख सकता है. दिल्ली-एनसीआर के बाजारों में प्याज का खुदरा भाव 60 से 80 रुपये प्रति किलो चल रहा है जबकि दिल्ली की आजादपुर मंडी में प्याज का थोक भाव गुरुवार को 30 रुपये से 52.50 रुपये प्रति किलो था. (इनपुट एजेंसी)

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First Published : 30 Oct 2020, 08:33:14 AM

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