Union Budget 2026: खिलाड़ियों को बजट में मिली बड़ी राहत, टैलेंट डेवलपमेंट, कोचिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा फायदा

Union Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज लोकसभा में अपना नौवां बजट पेश किया. इस बजट में खेल क्षेत्र के लिए काफी सौगात दी गईं हैं, जिसके बारे में हम आपको बताते हैं.

Union Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज लोकसभा में अपना नौवां बजट पेश किया. इस बजट में खेल क्षेत्र के लिए काफी सौगात दी गईं हैं, जिसके बारे में हम आपको बताते हैं.

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Ashik Kumar
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Nirmala Sitharaman

Nirmala Sitharaman Photograph: (ANI)

Union Budget 2026: भारत में आज बजट पेश हो रहा है. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण देश का बजट पेश किया. मोदी सरकार के इस बजट में वित्त मंत्री ने विकास, विनिर्माण, रोजगार और मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस किया है. इस बजट में खेल क्षेत्र को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है. खेल के लिए भी सरकार ने अपने दरवाजे खुलकर खोल दिए हैं. उन्होंने अपने बजट भाषण में खेलकूद के सामानों के निर्माण और गुणवत्ता सुधार के लिए एक 'समर्थ पहल' का प्रस्ताव रखा है. इस कदम में भारत में खेल उद्योग और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है. 

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खेल बजट पर क्या बोलीं वित्त मंत्री?

इस बजट भाषण के दौरान निर्मला सीतारमण ने 'खेलो इंडिया मिशन' का ऐलान करते हुए कहा कि, 'यह मिशन अगले एक दशक में भारत के खेल क्षेत्र को पूरी तरह ट्रांसफॉर्म करेगा. सरकार का लक्ष्य केवल खिलाड़ियों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि पूरे स्पोर्ट्स इकोसिस्टम को मजबूत करना है. इस साल एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन होगा. खेलो इंडिया मिशन अगले 10 सालों में खेल क्षेत्र को बदलने का काम करेगा. इसके तहत प्रतिभा विकास से लेकर ढांचे और तकनीक तक, हर स्तर पर एक समग्र व्यवस्था बनाई जाएगी'.

खेल बजट पांच चरणों में होगा लागू

इस बजट के दौरान उन्होंने बताया कि, 'खेलो इंडिया मिशन को 5 प्रमुख चरणों में लागू किया जाने वाला है. इसके उद्देश्य जमीनी स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक खिलाड़ियों को एक मजबूत और निरंतर विकास मार्ग मिल सके ये सुनिश्चित करना होगा. 

1 - प्रशिक्षण केंद्रों का नेटवर्क तैयार किया जाएगा. ये नेटवर्क तीन स्तरों पर काम करेगा. फाउंडेशन लेवल (शुरुआती प्रतिभाओं के लिए), इंटरमीडिएट लेवल (उभरते खिलाड़ियों के लिए) और एलीट लेवल (राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के लिए). ये खिलाड़ियों को पहचान दिलाने में काम करेगा. 

2 - कोच और सपोर्ट स्टाफ का व्यवस्थित विकास किया जाएगा .खेलो इंडिया मिशन के तहत कोच, फिटनेस ट्रेनर, फिजियोथेरेपिस्ट और अन्य सपोर्ट स्टाफ को सिस्टेमैटिक और आधुनिक प्रशिक्षण दिया जाएगा. इससे कोच और सपोर्ट स्टाफ को भी मदद मिलेगी. 

3 - स्पोर्ट्स साइंस और टेक्नोलॉजी का एकीकरण किया जाएगा. खेल के क्षेत्र को और मजबूत बनाने के लिए डेटा, साइंस और टेक्नोलॉजी पर भी काम किया जाएगा. इसके तहत स्पोर्ट्स साइंस, एनालिटिक्स, रिकवरी टेक्निक्स और नई तकनीकों को प्रशिक्षण प्रक्रिया से जोड़ा जाएगा. 

4 - प्रतियोगिताएं और लीग्स को बढ़ाया जाएगा, जिससे खेल संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा. खेलो इंडिया मिशन के तहत नियमित प्रतियोगिताएं और लीग्स आयोजित किया जाएगा और इसकी संख्या भी बढ़ाई जाएगी. इससे खिलाड़ियों को ज्यादा से ज्यादा मैच प्रैक्टिस, पहचान और प्रोफेशनल प्लेटफार्म मिलेगा. 

5 - खेल ढांचे का विकास किया जाएगा. सरकार प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के लिए खेल ढांचे को विकसित करने का काम तेजी से करेगी. इस बजट के तहत स्टेडियम, प्रशिक्षण सुविधाएं, हॉस्टल और सपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर विश्वस्तरीय बनाया जाएगा. 

पिछली बार से कितनी हुई खेल बजट में वृद्धि

केंद्र सरकार ने खेल बजट में पिछली साल 352 करोड़ रुपये की वृद्धि कर डाली थी. खेल क्षेत्र को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 3794.30 करोड़ रुपये मिले थे. ये वित्तीय वर्ष 2024-25 के 3442.32 करोड़ से 352 करोड़ ज्यादा था. खेल मंत्रालय को केंद्र सरकार द्वारा 1000 करोड़ रुपये आवंटित कराए गए थे. 

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