मोदी सरकार के 12 साल के कार्यकाल में कितना बढ़ा देश का बजट, जानिए क्या कहते हैं आंकड़े

Union Budget 2026: मोदी सरकार के 12 साल होने वाले हैं. इन सालों में देश की तस्वीर के साथ देश का बजट भी बहुत बढ़ा है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को देश का बजट पेश करेंगे, जो पिछले सभी बजट का रिकॉर्ड तोड़ने वाला है.

Union Budget 2026: मोदी सरकार के 12 साल होने वाले हैं. इन सालों में देश की तस्वीर के साथ देश का बजट भी बहुत बढ़ा है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को देश का बजट पेश करेंगे, जो पिछले सभी बजट का रिकॉर्ड तोड़ने वाला है.

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Suhel Khan
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PM Modi Union Budget 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी Photograph: (DD)

Union Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री 1 फरवरी, 2026 को देश का बजट पेश करेंगी. पिछले बजट के आंकड़ों के हिसाब से इस साल का बजट भी पहले के बजट के कहीं ज्यादा होने वाला है. बता दें कि मोदी सरकार के 12 साल के कार्यकाल के दौरान हर साल बजट में जबरदस्त इजाफा हुआ है. पिछले बजट तक यानी मोदी सरकार के 11 साल में ही बजट में तीन गुना से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है. इस बार भी वित्त मंत्री हर वर्ग और क्षेत्र के लिए अपना पिटारा खोलने वाली हैं.

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16 लाख करोड़ से 50 लाख करोड़ के पार पहुंचा देश का बजट

बता दें कि यूपीए सरकार ने जब अपना आखिरी बजट पेश किया था तब देश का बजट 16 लाख करोड़ रुपये के आसपास था, लेकिन मोदी सरकार के 12 सालों के कार्यकाल में ये आंकड़ा बढ़कर 50 लाख करोड़ के पार चला गया है. यानी केंद्रीय बजट में तीन गुना की बढ़ोतरी हुई है. मनमोहन सरकार ने 2014 में अपना आखिरी बजट 16 लाख करोड़ रुपए रखा था. जो 2024 में बढ़कर 48 लाख करोड़ रुपये हो गया. जो 2014 के बजट से ठीक तीन गुना था. जबकि 2025 में वित्त मंत्री ने 50 लाख करोड़ से ज्यादा बजट पेश किया. यही नहीं मोदी सरकार ने 2024 में पेश किए अंतरिम बजट में भी देश को 45 लाख करोड़ की सौगात दी थी. 

इतना था मोदी सरकार का पहला बजट

वहीं यूपीए सरकार के पहले बजट की बात करें तो मनमोहन सरकार ने अपना पहला बजट सिर्फ 4.78 लाख करोड़ रुपये का पेश किया था. यूपीए के आखिरी बजट तक आते-आते इसमें करीब 4 गुना की बढ़ोतरी हुई और ये बढ़कर 16 लाख करोड़ के पार चला गया. जब 2014 में पीएम मोदी सत्ता में आए तो उन्होंने अपना पहला फुल बजट पेश किया. जिसका साइज 17.95 लाख करोड़ रुपये था. 

कैपिटल एक्सपेंडिचर में भी हुई भारी बढ़ोतरी

मोदी सरकार के एक दशक के कार्यकाल में कैपिटल एक्सपेंडिचर के आवंटन में भी कई गुना की बढ़ोतरी हुई है. जहां 2004 में यूपीए के पहले बजट का कैपिटल एक्सपेंडिचर आवंटन 90 हजार करोड़ रुपये था तो वहीं 2014 में यानी दस साल में ये बढ़कर 2 लाख करोड़ रुपये गया था. लेकिन मोदी सरकार के एक दशक के शासन काल यानी 2024 तक ही ये बढ़कर 11 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो गया था. यानी कैपिटल एक्सपेंडिचर में भी मोदी सरकार ने अपने दो कार्यकाल में 5 गुना से ज्यादा का इजाफा किया. 

मोदी सरकार के राष्ट्र प्रथम के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा भारत

भारत को लेकर पीएम मोदी का मंत्र है नेशन फर्स्ट यानी राष्ट्र प्रथम. इसी मंत्र के सहारे मोदी सरकार हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है. यही वजह से है अब भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है. पिछले साल ही भारत ने जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया था. 

2047 तक विकसित राष्ट्र का लक्ष्य

पीएम मोदी भारत को 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं. मोदी सरकार का लक्ष्य 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का है. जिसके लिए भारत हर क्षेत्र में खुद को आत्मनिर्भर करने की दिशा में भी काम कर रहा है.  पीएम मोदी ने पिछले दिनों कहा कि साल 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य अब सिर्फ सरकार का विजन नहीं, बल्कि पूरे देश की सामूहिक चाहत बन चुका है. उन्होंने कहा था कि देश की लंबी समय तक तरक्की को बनाए रखने के लिए हर सेक्टर में बदलाव के लिए जी जान से जुट जाना चाहिए. पीएम मोदी ने ये बात नीति आयोग में प्रमुख अर्थशास्त्रियों और विशेषज्ञों के साथ बैठक के दौरान कही थीं.

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