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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण Photograph: (Sansad Tv)
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 पेश करते हुए देश को स्वास्थ्य और विज्ञान के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक बड़ा रोडमैप पेश किया है. सरकार ने भारत को एक वैश्विक बायो-फार्मास्युटिकल हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 'बायोफार्मा शक्ति' परियोजना (Biopharma Shakti Project) की घोषणा की है.
₹10,000 करोड़ का भारी-भरकम निवेश
वित्त मंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि इस विजनरी प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के लिए सरकार ने 10,000 करोड़ रुपये के शुरुआती फंड का प्रस्ताव पारित किया है. इस निवेश का मुख्य उद्देश्य न केवल दवाओं के निर्माण (Manufacturing) में तेजी लाना है, बल्कि जटिल जैविक दवाओं के अनुसंधान और विकास (R&D) में भारत की हिस्सेदारी को वैश्विक स्तर पर बढ़ाना है.
खुलेंगे 3 नए संस्थान
बायो-फार्मा क्षेत्र में नवाचार और उच्च श्रेणी के विशेषज्ञों की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने तीन नए उच्च शैक्षणिक संस्थान (Higher Educational Institutions) खोलने का निर्णय लिया है. ये संस्थान विशेष रूप से बायोटेक और फार्मास्युटिकल इंजीनियरिंग पर केंद्रित होंगे, ताकि उद्योग को स्किल्ड वर्कफोर्स मिल सके और शोध कार्यों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाया जा सके.
आत्मनिर्भरता की ओर कदम
'बायोफार्मा शक्ति' परियोजना के माध्यम से सरकार का लक्ष्य आयात पर निर्भरता कम करना और सस्ती व प्रभावी दवाओं का घरेलू उत्पादन बढ़ाना है. वित्त मंत्री ने कहा कि यह कदम भारत को 'दुनिया की फार्मेसी' से आगे ले जाकर 'दुनिया का बायोटेक पावरहाउस' बनाने की दिशा में निर्णायक साबित होगा.
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