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क्रिप्टो निवेशकों को बजट में मिल सकती है राहत Photograph: (Social Media/Freepik)
Union Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कल यानी रविवार (1 फरवरी) को देश का बजट जारी करेंगी. वित्त मंत्री के तौर पर ये उनका नौवां बजट होगा. उनके इस बजट से सभी वर्गों को काफी उम्मीदें हैं. किसान से लेकर युवाओं, कारोबारियों से लेकर नौकरी पेशा तक. सभी को उम्मीद है कि इस बजट में भी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण टैक्स में कटौती समेत कई बड़ी योजनाओं का एलान कर सकती हैं. ऐसे में एक वर्ग और है जो पिछले कई सालों से राहत की उम्मीद लगाए बैठा है.
दरअसल, हम बात कर रहे हैं क्रिप्टो करेंसी के निवेशकों के बारे में है. क्रिप्टो निवेशक हर साल की तरह इस बार भी टीडीएस और क्रिप्टो से होने वाली इनकम पर लगने वाले टैक्स में कटौती की उम्मीद लगाए बैठे हैं. लेकिन सरकार ने अभी तक क्रिप्टो निवेशकों को राहत नहीं दी है. ऐसे में माना जा रहा है कि इस बार उन्हें राहत मिल सकती है.
महानगरों से लेकर छोटे शहरों तक बढ़े क्रिप्टो निवेशक
21वीं सदी की करेंसी माने जाने वाली क्रिप्टो का बाजार भारत में ही नहीं बल्कि दुनियाभर के देशों में तेजी से बढ़ रहा है. लेकिन भारत में अभी तक इसे रेगुलरेट करने के लिए पुख्ता नियम नहीं है. हालांकि निवेशकों को क्रिप्टो करेंसी खरीदने और बेजने पर भारी टीडीएस और आज पर भारी भरकम टैक्स भी चुकाना होता है. भारत में क्रिप्टो बाजार की बात करें तो देश में क्रिप्टो निवेशकों में महानगरों के साथ-साथ टियर-2 और टियर-3 शहरों के लाखों निवेशक मौजूद हैं. ये निवेशक शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग के लिए ही नहीं, बल्कि लंबे समय में पैसा बनाने के लिए भी क्रिप्टो में निवेश कर रहे हैं.
भारत में बढ़ते डिजिटल एसेट्स की स्वीकार्यता इस बात को दर्शाती है कि भारतीय निवेशक क्रिप्टो से जुड़ने को तैयार हैं लेकिन भारत की मौजूदा टैक्स और रेगुलेटरी व्यवस्था के चलते अभी इस क्षेत्र में निवेश करने में निवेशकों में घबराहट है. लेकिन इस बार बजट में इसकी उम्मीद की जा रही है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण क्रिप्टो टैक्सेशन को सरल और व्यावहारिक बनाने की दिशा में बड़े एलान कर सकती हैं. जिससे निवेशकों के साथ-साथ क्रिप्टो में निवेश के लिए प्लेटफॉर्म्स उपलब्ध कराने के साथ-साथ सरकार को भी फायदा होगा.
क्रिप्टो लेनदेन पर लगने वाले TDS में कटौती की उम्मीद
बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2022 के बजट में वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDA) को टैक्स ढांचे में लेकर आई थीं. तब उन्होंने क्रिप्टो करेंसी में होने वाले मुनाफे पर 30 प्रतिशत फ्लैट टैक्स और हर ट्रांजैक्शन पर 1 प्रतिशत टीडीएस लगाने का एलान किया था. जिसमें क्रिप्टो करेंसी खरीदने पर एक प्रतिशत टीडीएस और बेजने पर भी एक फीसदी टीडीएस देने होता है. फिर चाहे निवेशक हानि के साथ अपनी क्रिप्टो करेंगी को क्यों ना बेच रहा हो.
सरकार के इन नियमों का उद्देश्य ट्रांजैक्शन को ट्रैक करना और निगरानी बढ़ाना था. लेकिन एक फीसदी TDS ने ईमानदार निवेशकों की मुश्किलें बढ़ा दी. ऐसे में इस बार निवेशकों को उम्मीद है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण क्रिप्टो निवेशकों को टैक्स का भार कम कर सकती हैं. जिसमें टीडीएस को घटाकर 0.01 प्रतिशत करने की उम्मीद है. जबकि इनकम पर भी टैक्स में राहत दे सकती हैं.
क्रिप्टो एक्सचेंज से सरकार को मिला इतना TDS
बता दें कि 2022 से लागू हुए नियमों के बाद से सरकार को अब तक क्रिप्टो एक्सचेंजों से भारी टीडीएस मिला है. जानकारी के मुताबिक, इन तीन सालों में सरकार को टीडीएस से करीब 1,096 करोड़ रुपये की आमदनी हुई है. जबकि गैर-नियमित विदेशी प्लेटफॉर्म्स पर शिफ्ट हुए ट्रांजैक्शन के कारण सरकार को करीब 11,000 करोड़ के टैक्स राजस्व का नुकसान भी हुआ है. अगर सरकार टीडीएस की दर को घटाकर 0.01 प्रतिशत करती है तो अन्य वित्तीय बाजारों की तरह ही ट्रांजैक्शन की ट्रेसबिलिटी भी बनी रहेगी. जिससे सरकार को भारी भरकम टैक्स भी मिलेगा.
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