News Nation Logo
Banner

नियमों का पालन नहीं करने पर RBI ने इस बैंक के ऊपर लगाया 50 लाख रुपये का जुर्माना

भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India-RBI) ने मुंबई के बॉम्बे मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक के ऊपर नियमों के उल्लघंन की वजह से 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है.

Business Desk | Edited By : Dhirendra Kumar | Updated on: 04 Sep 2021, 09:42:42 AM
भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India-RBI)

भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India-RBI) (Photo Credit: NewsNation)

highlights

  • बॉम्बे मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक के ऊपर नियमों के उल्लघंन की वजह से 50 लाख रुपये का जुर्माना 
  • दि अकोला डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (महाराष्ट्र) पर भी 2 लाख रुपये का जुर्माना

नई दिल्ली :

भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India-RBI) ने मुंबई के बॉम्बे मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक के ऊपर नियमों के उल्लघंन की वजह से 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. वहीं दूसरी ओर ग्राहक को जानिए (KYC) नियमों के कुछ प्रावधानों का पालन नहीं करने की वजह से दि अकोला डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (महाराष्ट्र) पर भी 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है. आरबीआई का कहना है कि बॉम्बे मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर आरबीआई द्वारा जारी (सहकारी बैंक - जमाराशियों पर ब्याज दर) निदेश, 2016 में निहित आरबीआई द्वारा जारी निदेशों और पर्यवेक्षी कार्रवाई ढांचे (एसएएफ) के तहत आरबीआई द्वारा जारी 05 मार्च 2018 और 11 अप्रैल 2018 के विशिष्ट निदेशों के अननुपालन के लिए 50 लाख रुपये का मौद्रिक दंड लगाया गया है. 

यह भी पढ़ें: पंजाब नेशनल बैंक ने ग्राहकों को दी बड़ी खुशखबरी, लोन पर लगने वाले प्रोसेसिंग चार्ज को कर दिया जीरो

बॉम्बे मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर लगाया गया यह दंड बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (अधिनियम) की धारा 46 (4) (i) के साथ पठित धारा 47 ए (1) (सी) के प्रावधानों के तहत रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है. आरबीआई का कहना है कि यह कार्रवाई विनियामक अनुपालन में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य बैंक द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या समझौते की वैधता पर सवाल करना नहीं है.

31 मार्च 2019 को बैंक की वित्तीय स्थिति के संदर्भ में आरबीआई द्वारा किए गए सांविधिक निरीक्षण और उससे संबंधित निरीक्षण रिपोर्ट और सभी संबंधित पत्राचार की जांच से, अन्य बातों के साथ-साथ यह पता चला कि बैंक ने तुलनीय घरेलू रुपया सावधि जमाराशियों पर एनआरई जमाराशियों की तुलना में अधिक ब्याज दरों की पेशकश की थी और असुरक्षित अग्रिमों को मंजूरी दी थी, जिसके परिणामस्वरूप आरबीआई द्वारा जारी पूर्वोक्त निदेशों का अनुपालन नहीं किया गया था। उक्त के आधार पर बैंक को एक नोटिस जारी किया गया जिसमें उनसे यह पूछा गया कि वे कारण बताएं कि आरबीआई द्वारा जारी निदेशों का उल्लंघन करने के लिए उन पर दंड क्यों न लगाया जाए.

यह भी पढ़ें: बड़ी खबर: इन कंपनियों ने बैंक के लाइसेंस के लिए किया आवेदन, पढ़ें पूरी खबर

KYC नियमों का पालन नहीं करने की वजह से लगाया गया जुर्माना
वहीं भारतीय रिजर्व बैंक ने 3 सितंबर 2021 के आदेश द्वारा दि अकोला डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, अकोला, महाराष्ट्र (बैंक) पर आरबीआई अपने ग्राहक को जानिए (KYC) निदेश, 2016 में निहित आरबीआई द्वारा जारी निदेशों के कतिपय प्रावधानों का अनुपालन नहीं करने के लिए 2 लाख रुपये का मौद्रिक दंड लगाया है. यह दंड बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) और धारा 56 के साथ पठित धारा 47 ए (1) (सी) के प्रावधानों के तहत रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है.

First Published : 04 Sep 2021, 09:40:28 AM

For all the Latest Business News, Banking News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.