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Moya Humanoid Robot
पिछले साल बीजिंग में हुई वर्ल्ड ह्यूमनॉइड रोबोट गेम्स की हाफ मैराथन काफी चर्चा में रही थी. इस रेस में 21 ह्यूमनॉइड रोबोट उतरे थे. शंघाई की कंपनी DroidUP का रोबोट Walker 2 तीसरे नंबर पर रहा. अब इसी कंपनी ने एक बिल्कुल अलग तरह का रोबोट मोया पेश किया है, जिसकी स्किन इंसानों जैसे ही गर्म होती है और असली जैसी लगती है.
कौन है ‘Moya’?
DroidUP ने हाल ही में ‘मोया’ नाम का नया ह्यूमनॉइड रोबोट दिखाया है. यह रोबोट दिखने में इंसान जैसा है. खास बात यह है कि इसकी स्किन गर्म रहती है. मोया की त्वचा का तापमान 89 से 96 डिग्री फॉरेनहाइट के बीच बना रहता है, जो इंसानों के काफी करीब है.
इंसानों की तरह चेहरे पर हाव भाव
कंपनी का दावा है कि मोया खुशी, गुस्सा, दुख और मुस्कान जैसे भाव दिखा सकता है. एक वीडियो में यह रोबोट सामने खड़े रिपोर्टर की आंखों में देखकर अपनी पुतलियों की दिशा बदलता भी नजर आया.
मोया सिर्फ खड़ा रहने वाला रोबोट नहीं है. यह चल भी सकता है. हालांकि चलते समय इसके मोटर्स की आवाज साफ सुनाई देती है. कंपनी का कहना है कि इसकी चलने की शैली 92 फीसदी तक इंसानों जैसी है.
Shanghai’s Moya humanoid robot walks with human-like motion, shows realistic facial expressions, and is designed for natural interaction in healthcare and service roles. pic.twitter.com/8zZTrW3Te3
— Interesting Engineering (@IntEngineering) February 4, 2026
इस तरह डिजाइन किया गया रोबोट
DroidUP के फाउंडर ली छिंगदू के अनुसार, आज के ज्यादातर रोबोट ठंडे और मशीन जैसे लगते हैं. उनका मानना है कि अगर रोबोट इंसानों की मदद के लिए हैं, तो उनमें गर्माहट और अपनापन होना चाहिए.
मोया के अंदर Walker 3 प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया है. इसमें कैमरे और LiDAR सेंसर लगे हैं. ये सेंसर रोबोट को रास्ता पहचानने और सामने आने वाली रुकावटों से बचने में मदद करते हैं.
लोग क्यों कह रहे हैं इसे डरावना?
सोशल मीडिया पर कुछ लोग इस रोबोट की तारीफ कर रहे हैं तो कुछ लोग इसे कम्पैनियन रोबोट की तरह देखने लगे हैं. एक यूजर ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि जरा सोचिए अगर किसी के घर में ऐसा कुछ हो रात को नींद खुल जाए और वह भूल जाए कि वह वहाँ है तो उसे तुरंत डर लग जाए. वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा की 'ये तो काफी डरावना है'!
क्या इंसानों की जगह लेंगी मशीनें?
Walker 2 की तुलना में Walker 3 ज्यादा हल्का और छोटा है. इसी वजह से इसे इंसानों जैसे शरीर में फिट करना आसान हुआ. कंपनी का कहना है कि इससे रोबोट ज्यादा रियल दिखता है. Moya जैसी मशीनें हमे यह दिखाती हैं कि रोबोटिक्स अब सिर्फ फैक्ट्री और गोदाम तक सीमित नहीं रह गई.
यह मशीनें अब इंसानी जगों में एंट्री कर रही हैं. यह बदलाव बड़ा है लेकिन इसके साथ कई सवाल भी जुड़े हैं. क्या मशीन का इंसान जैसा होना हमारी जिंदगी आसान बनाएगा या हम टेक को उस दिशा में ले जा रहे हैं जहां इंसानी रिश्तों की जगह मशीनें लेने लगेंगी.
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