ड्रग्स की आड़ में ट्रंप का 'तेल का खेल', नहीं झुका वेनेजुएला तो अमेरिका ने कर दिया अटैक

अमेरिका ने वेनेजुएला की राजधानी कराकस पर हमला कर दिया है. राजधानी के कई हिस्सों में धमाकों की आवाजें सुनी गईं. राष्ट्रपति ट्रंप कुछ समय से वेनेजुएला के प्रति बेहद आक्रामक रुख अपना रहे हैं, जिसका नतीज ये माना जा रहा है.

अमेरिका ने वेनेजुएला की राजधानी कराकस पर हमला कर दिया है. राजधानी के कई हिस्सों में धमाकों की आवाजें सुनी गईं. राष्ट्रपति ट्रंप कुछ समय से वेनेजुएला के प्रति बेहद आक्रामक रुख अपना रहे हैं, जिसका नतीज ये माना जा रहा है.

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Ravi Prashant
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Trump and Venezuela tension news

अमेरिका और वेनेजुएला तनाव Photograph: (SM)

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से वेनेजुएला को लेकर आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं. इसी बीच वेनेजुएला की राजधानी कराकस में अमेरिकी हमले की खबरें भी सामने आई है. सोशल मीडिया और कुछ स्थानीय रिपोर्ट्स में कहा गया कि राजधानी के अलग-अलग इलाकों में धमाकों की आवाजें सुनी गईं और आसमान में कम ऊंचाई पर फाइटर जेट्स उड़ते देखे गए.

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दोनों देशों की बीच तनाव चरम पर

इस हमले के बाद अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंच गया. ट्रंप पहले ही वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलेस मादुरो पर अमेरिका में नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए ड्रग कार्टेल से सांठगांठ का आरोप लगा चुके हैं. इतना ही नहीं, अमेरिका ने मादुरो की गिरफ्तारी पर घोषित इनाम को बढ़ाकर 5 करोड़ डॉलर करने का भी ऐलान किया है.

ड्रग्स या कोई और मकसद?

सवाल यह उठता है कि क्या ट्रंप वाकई ड्रग तस्करी को लेकर चिंतित हैं या इसके पीछे कोई बड़ा रणनीतिक मकसद छिपा है. अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का मानना है कि ड्रग्स का मुद्दा केवल एक बहाना हो सकता है, जबकि असली वजह वेनेजुएला की अपार प्राकृतिक संपदा है.

क्या असली खेल तेल का है?

दरअसल, वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है. वर्ल्ड पॉपुलेशन रिव्यू की रिपोर्ट के मुताबिक, देश के पास 303,008 मिलियन बैरल से ज्यादा तेल भंडार है, जो उसे वैश्विक स्तर पर शीर्ष पर रखता है. एक समय ऐसा था जब वेनेजुएला की कुल आय में करीब 90 प्रतिशत हिस्सा तेल निर्यात से आता था. इसके अलावा देश के पास नेचुरल गैस, सोना, बॉक्साइट और कोयले जैसे अहम खनिज संसाधन भी हैं. इसलिए अमेरिका कई दशकों से कोशिश में है कि वेनेजुएला पर अपना वर्चस्व बनाए ताकि इन संसाधनों को अपने तरीके से यूज कर सके. 

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तेल बना वरदान और अभिशाप

तेल पर अत्यधिक निर्भरता ने ही वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था को कमजोर किया. साल 2013 में तेल की कीमतों में गिरावट और राजनीतिक अस्थिरता के चलते देश में महंगाई चरम पर पहुंच गई. हालांकि बाद के वर्षों में सरकार ने कृषि और पर्यटन को बढ़ावा देने की कोशिश की, लेकिन तेल अब भी अर्थव्यवस्था की रीढ़ बना हुआ है.

पुरानी नीति पर अमेरिका?

बता दें कि अमेरिका दशकों से वेनेजुएला में अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश करता रहा है. पूर्व राष्ट्रपति ह्यूगो शावेज से लेकर मौजूदा राष्ट्रपति मादुरो तक, किसी ने भी अमेरिका की नीतियों के सामने झुकने का रुख नहीं अपनाया. यही वजह मानी जा रही है कि ट्रंप प्रशासन लगातार दबाव की राजनीति कर रहा है, लेकिन वेनेजुएला पर सीधा वर्चस्व कायम करना फिलहाल आसान नजर नहीं आ रहा है.

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