कौन थे खामेनेई? 47 साल के कार्यकाल में कई आंदोलन दबाए, इस्लामी गणराज्य को नई दिशा दी

Ali Khamenei killed: अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु हो चुकी है. खामेनेई ने अपने लंबे शासनकाल में कई बड़े फैसले लिए जो बाद मे टकराव का कारण बने.

Ali Khamenei killed: अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु हो चुकी है. खामेनेई ने अपने लंबे शासनकाल में कई बड़े फैसले लिए जो बाद मे टकराव का कारण बने.

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Mohit Saxena
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Khamenei's rule about to end

सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई

Ali Khamenei killed: अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई. इसे लेकर ईरानी मीडिया ने पुष्टि कर दी है. इस हमले में खामेनेई के दामाद, बहु और पोतों की भी मृत्यु हो गई. 47 साल तक ईरान पर शासन करने वाले खामेनेई के कार्यकाल में कई उतार चढ़ाव आए, मगर हर मुसीबत से उन्होंने पार पा लिया. अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई बड़े फैसले लिए. ईरान के परमाणु कार्यक्रम को उन्होंने आगे बढ़ाया, जिसके बाद अमेरिका और इजरायल से उनके टकराव बढ़ गए. 

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अपने कार्यकाल में उन्होंने रिवोल्यूशनरी गार्ड और क्षेत्रीय प्रॉक्सी नेटवर्क को काफी ताकत दी. इस बीच आर्थिक संकट और दमन के कारण उनके खिलाफ कई विरोध प्रदर्शन भी हुए. 2022 के महसा अमीनी आंदोलन समेत कई आंदोलनों को सख्ती से दबा दिया गया. 

खुमैनी की मौत के बाद खामेनेई ने सत्ता संभाली

सन 1989 में अयातुल्ला रुहोल्लाह खुमैनी की मौत के बाद खामेनेई ने सत्ता संभाली थी. उन्होंने इस्लामी गणराज्य को नई दिशा दी. उन्होंने शिया धर्मगुरुओं और रिवोल्यूशनरी गार्ड को प्राथमिता दी. इसके बाद ये सैन्य और आर्थिक रूप से बेहद प्रभावशाली संस्था बनी. 2015 में अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते हुए. मगर बाद में अमेरिका इससे पीछे हटा और तनाव बढ़ गया. 

रिवोल्यूशनरी गार्ड की भूमिका अहम होने वाली है

ईरान में उच्च स्तर का यूरेनियम संवर्धन जारी रहा. क्षेत्रीय स्तर पर, खामेनेई ने ‘एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस’ के माध्यम से हिज्बुल्लाह, हमास और अन्य गुटों को अपना समर्थन दिया. 2023 में इसे लेकर मिडिल ईस्ट में काफी संघर्ष बढ़ा और ईरान के कई सहयोगी काफी कमजोर हो गए. उनकी मौत के बाद इस्लामी गणराज्य के भविष्य को लेकर सवाल उठने लगे हैं. आगे की दिशा को लेकर अब रिवोल्यूशनरी गार्ड की भूमिका अहम होने वाली है. 

अत्याधुनिक हथियारों और सटीक जानकारी के दम पर किया हमला 

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ऐलान करते हुए कहा था, "इतिहास के सबसे क्रूर व्यक्तियों में एक अब इस दुनिया में नहीं रहा. उन्होंने इसे ईरान के लोगों के लिए स्वतंत्रता का एक बड़ा अवसर बताया था. दूसरी ओर इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी यही संकेत दिया. उन्होंने कहा कि खामेनेई का पूरा ठिकाना ध्वस्त हो चुका है. इजरायली खुफिया सूत्रों के अनुसार, यह एक "सर्जिकल स्ट्राइक" थी. इसे अत्याधुनिक हथियारों और सटीक जानकारी के दम पर अंजाम दिया गया. 

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