Davos 2026: "बर्फ का टुकड़ा नहीं, अमेरिका का अगला किला बनेगा ग्रीनलैंड..." ट्रंप ने डेनमार्क को याद दिलाई 6 घंटे की हार

Davos 2026: वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 में प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप अमेरिकी अर्थव्यवस्था की जमकर तारीफ की है. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने महंगाई को हरा दिया है और बॉर्डर पूरी तरह सुरक्षित कर लिए हैं. वहीं यूरोप पर निशाना साधते हुए ट्रंप ने कहा कि गलत नीतियों और माइग्रेशन की वजह से यूरोप अपनी पहचान खो रहा है और सही दिशा में नहीं बढ़ रहा है.

Davos 2026: वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 में प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप अमेरिकी अर्थव्यवस्था की जमकर तारीफ की है. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने महंगाई को हरा दिया है और बॉर्डर पूरी तरह सुरक्षित कर लिए हैं. वहीं यूरोप पर निशाना साधते हुए ट्रंप ने कहा कि गलत नीतियों और माइग्रेशन की वजह से यूरोप अपनी पहचान खो रहा है और सही दिशा में नहीं बढ़ रहा है.

author-image
Ravi Prashant
New Update
WORLD ECONOMIC FORUM

प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप Photograph: (x/@WhiteHouse)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में अपने भाषण से पूरी दुनिया को चौंका दिया है. ट्रंप ने वेनेजुएला में हुए हालिया मिलिट्री ऑपरेशन और वहां की सत्ता में आए बदलाव को अपनी बड़ी जीत बताया. उन्होंने दावा किया कि वेनेजुएला अब एक जबरदस्त 'इकॉनोमिक टर्नअराउंड' के लिए तैयार है. साथ ही, ट्रंप ने ग्रीनलैंड की स्ट्रैटेजिक इम्पोर्टेंस का जिक्र करते हुए इतिहास और भविष्य की योजनाओं पर अपनी बात रखी.

Advertisment

वेनेजुएला में अब होगा पैसों की बारिश

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वॉशिंगटन और वेनेजुएला के बीच हुए नए 'ऑयल डील' के बाद इस देश की किस्मत बदलने वाली है. ट्रंप के मुताबिक, वेनेजुएला अगले 6 महीनों में उतना पैसा कमाएगा, जितना उसने पिछले 20 सालों में नहीं कमाया. उन्होंने पुरानी लीडरशिप की आलोचना करते हुए कहा कि गलत पॉलिसियों की वजह से यह खूबसूरत देश बर्बाद हो गया था, लेकिन अब अमेरिका की मदद से वेनेजुएला फिर से खड़ा होगा. ट्रंप ने बताया कि करीब 5 करोड़ बैरल तेल का बंटवारा होगा, जिससे वेनेजुएला की इकॉनोमी में जान आएगी.

मिलिट्री ऑपरेशन और मादुरो की विदाई

यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब कुछ ही हफ्ते पहले अमेरिकी सेना ने एक बड़ा ऑपरेशन कर वेनेजुएला के लंबे समय से राष्ट्रपति रहे निकोलस मादुरो को सत्ता से बेदखल कर दिया. वेनेजुएला के डिफेंस मिनिस्ट्री के अनुसार, इस हमले में भारी बमबारी हुई और अमेरिकी स्पेशल फोर्सेस ने मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोर्स को उनके कंपाउंड से पकड़ा. इस ऑपरेशन में करीब 83 लोग मारे गए और 100 से ज्यादा घायल हुए. ट्रंप ने इस प्रेशर को जरूरी बताते हुए कहा कि जब हमला खत्म हुआ, तो वेनेजुएला की नई अथॉरिटीज बातचीत की टेबल पर आईं.

'बर्फ का बड़ा टुकड़ा' या स्ट्रैटेजिक खजाना?

वेनेजुएला के बाद ट्रंप ने अपनी बातचीत का रुख ग्रीनलैंड की तरफ मोड़ा. उन्होंने ग्रीनलैंड को "बर्फ का एक बड़ा और खूबसूरत टुकड़ा" बताते हुए कहा कि इसकी अहमियत दुनिया की समझ से बहुत परे है. ट्रंप ने साफ किया कि वेनेजुएला की तरह यहां ताकत का इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं है, लेकिन अमेरिका इस इलाके को लेकर काफी गंभीर है. उन्होंने ग्रीनलैंड की लोकेशन को नॉर्थ अमेरिका और यूरोप के बीच सबसे अहम मिलिट्री और शिपिंग कॉरिडोर बताया.

डेनमार्क पर कसा तंज

ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर अमेरिकी हक और जिम्मेदारी को समझाने के लिए दूसरे विश्व युद्ध (World War II) का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि 1940 में जब नाजी जर्मनी ने डेनमार्क पर हमला किया था, तो डेनमार्क सिर्फ 6 घंटे में हार गया था. उस वक्त डेनमार्क अपने आप को और ग्रीनलैंड को बचाने में पूरी तरह नाकाम था. ट्रंप के अनुसार, उस वक्त अमेरिका ने अपनी जिम्मेदारी समझते हुए ग्रीनलैंड में बेस बनाए और उसे दुश्मनों के हाथ में जाने से बचाया. उन्होंने कहा, "हमने डेनमार्क के लिए लड़ाई लड़ी और ग्रीनलैंड को दुश्मनों का अड्डा बनने से रोका."

तेल का पैसा और करेंसी को संभालने की कोशिश

वेनेजुएला में मादुरो के हटने के बाद अब वहां की इकॉनोमी को संभालने की कवायद शुरू हो गई है. ट्रंप ने कहा कि तेल की बिक्री से होने वाले मुनाफे पर "अमेरिकी राष्ट्रपति के तौर पर मेरा कंट्रोल होगा." वहीं, वेनेजुएला की नई सरकार ने बताया कि उन्हें अमेरिका के जरिए 300 मिलियन डॉलर मिल चुके हैं, जिसका इस्तेमाल वहां की करेंसी 'बोलिवर' को स्टेबल करने के लिए किया जाएगा. पिछले कई सालों से अमेरिका के प्रतिबंधों (Embargo) की वजह से वेनेजुएला में डॉलर की भारी कमी हो गई थी, जिसे अब दूर करने की कोशिश की जा रही है.

चीन खरीदता था सबसे अधिक तेल

वेनेजुएला अब तक अपना कच्चा तेल (Crude Oil) भारी डिस्काउंट पर चीन को बेच रहा था ताकि अमेरिकी पाबंदियों से बच सके. लेकिन अब अमेरिका ने तेल ले जाने वाले टैंकरों पर सख्ती बढ़ा दी है. ट्रंप की इस 'हिस्टोरिक एनर्जी डील' से ग्लोबल ऑयल मार्केट में बड़े बदलाव की उम्मीद है. दावोस में ट्रंप के इन बयानों ने साफ कर दिया है कि अमेरिका अब लातिन अमेरिका से लेकर आर्कटिक क्षेत्र तक अपनी पकड़ को और ज्यादा मजबूत करने की प्लानिंग कर चुका है.

ये भी पढ़ें- वर्जीनिया में क्यों मचा बवाल? कोर्ट की आलोचनाओं के बाद अंतरिम अटॉर्नी के पद से हटीं लिंडसे हेलिगन

Donald Trump
Advertisment