अफगानिस्तान-पाकिस्तान में युद्ध हुआ तेज, इस्लामाबाद और एबटाबाद समेत कई सैन्य ठिकानों को तबाह करने का दावा

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव अब खतरनाक मोड़ लेता दिख रहा है. दोनों देशों की सेनाओं के बीच बीती रात से जारी हवाई और जमीनी कार्रवाई ने हालात को युद्ध जैसे स्तर पर पहुंचा दिया है.

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव अब खतरनाक मोड़ लेता दिख रहा है. दोनों देशों की सेनाओं के बीच बीती रात से जारी हवाई और जमीनी कार्रवाई ने हालात को युद्ध जैसे स्तर पर पहुंचा दिया है.

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Dheeraj Sharma
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Afghanistan Pakistan War

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव अब खतरनाक मोड़ लेता दिख रहा है. दोनों देशों की सेनाओं के बीच बीती रात से जारी हवाई और जमीनी कार्रवाई ने हालात को युद्ध जैसे स्तर पर पहुंचा दिया है. हमलों और जवाबी हमलों के दावों के बीच सीमा क्षेत्र में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं.

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तालिबान का बड़ा दावा: सैन्य ठिकाने निशाने पर

अफगान तालिबान के उप-प्रवक्ता हमदुल्ला फितरत ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि अफगान वायुसेना ने पाकिस्तान के इस्लामाबाद, नौशेरा, जमरूद और एबटाबाद स्थित सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले किए. उनके मुताबिक, इस्लामाबाद के पास फैजाबाद में एक सैन्य कैंप, नौशेरा कैंट एरिया और जमरूद मिलिट्री कॉलोनी को निशाना बनाया गया। तालिबान ने इन सभी ऑपरेशनों को “सफल” करार दिया है.

पाकिस्तानी कार्रवाई के जवाब में हमला

तालिबान का कहना है कि यह कार्रवाई पाकिस्तान की ओर से काबुल, कंधार और पक्तिया में किए गए हवाई हमलों के जवाब में की गई. अफगान प्रशासन ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सेना ने रिहायशी इलाकों को भी निशाना बनाया. नांगरहार के एक शरणार्थी कैंप में मिसाइल गिरने से महिलाओं और बच्चों समेत 13 नागरिकों के घायल होने का दावा किया गया है.

जमीनी संघर्ष और हताहतों के आंकड़े

अफगान रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि डूरंड रेखा के पास हुई झड़पों में 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और दो सैन्य अड्डों समेत 19 पोस्ट पर कब्जा कर लिया गया. चार घंटे तक चले संघर्ष में भारी हथियार और गोला-बारूद जब्त करने का भी दावा किया गया.

वहीं पाकिस्तान की ओर से सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने 133 तालिबानी लड़ाकों को मार गिराने और 200 से अधिक को घायल करने की बात कही है. पाकिस्तान का आरोप है कि अफगान सेना ने पहले सीमा पर फायरिंग शुरू की, जिसके जवाब में एयरफोर्स ने “ऑपरेशन गजाब लिल-हक” चलाया.

सियासी बयानबाजी से बढ़ी तल्खी

शहबाज शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान शांति चाहता है, लेकिन किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा. दूसरी ओर, अफगान सेना प्रमुख फसीहुद्दीन फितरत ने चेतावनी दी कि यदि पाकिस्तान ने आक्रामकता जारी रखी तो और कड़ा जवाब मिलेगा.

ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने भी कहा कि पाकिस्तान का “धैर्य जवाब दे चुका है” और अब स्थिति खुली जंग की ओर बढ़ रही है.

आगे क्या?

दोनों देशों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो पाई है. हालांकि सीमा पर बढ़ते सैन्य टकराव ने क्षेत्रीय स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या कूटनीतिक प्रयास हालात को संभाल पाएंगे या यह टकराव और भीषण रूप ले लेगा.

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