यूरोप के नाटो मुल्क कह रहे हैं कि आर्कटिक में रूस अपने न्यूक्लियर हथियारों का जखीरा बढ़ाने वाला है.
अमेरिका और रूस के बीच नया एटमी मोर्चा खुलने वाला है. आर्कटिक में जंग के हालात बनने वाले हैं. अमेरिका और रूस के बीच न्यू स्टार डील खत्म हो गई है. यूरोप के नाटो मुल्क कह रहे हैं कि आर्कटिक में रूस अपने न्यूक्लियर हथियारों का जखीरा बढ़ाने वाला है. क्या अमेरिका और रूस एटमी जंग सिर्फ 30 मिनट की दूरी पर है? क्या एटमी संधि का खात्मा डूम्स डे की शुरुआत है.
खतरा बेहद करीब आने वाला है
आर्कटिक में अमेरिकी वॉरशिप आर्कटिक में रूस का वॉश. यह दो तस्वीरें आर्कटिक समंदर की है. जहां अमेरिका और रूस के जंगी जहाज अक्सर एक दूसरे को धमकाते नजर आते हैं. लेकिन इस बार भिड़ंत का खतरा बेहद करीब आने वाला है. अमेरिका और रूस के बीच न्यू स्टार्ट संधि खत्म हो चुकी है.
परमाणु हथियार तैनात कर सकता है
समझौते के ना होने का मतलब है परमाणु हथियारों की संख्या पर कोई कानूनी रूप से बाध्यकारी बंधन नहीं है. अब एटमी हथियारों के इजाफे के लिए दोनों मुल्क आजाद हैं. संधि के द एंड ने यूरोप के अंदर खौफ की लहर दौड़ा दी है. नाटो को डर है कि रूस आर्कटिक में पहले से ज्यादा परमाणु हथियार तैनात कर सकता है. आर्कटिक में कोला आइलैंड पर रूस के परमाणु हथियारों का सबसे बड़ा जखीरा मौजूद है. रूस के नॉर्दन फ्लट की सबमरीन परमाणु हथियारों को इस आइलैंड तक लेकर आती है. रूस ने यहां पर एटमी हथियारों की तैनाती के लिए इस स्टॉक पाइल को तैयार कर रखा है.
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