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Trump (File)
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है. मिडिल ईस्ट में बड़े हमले जैसे हालात बन गए हैं. अमेरिका न्यूज एजेंसी ने दावा किया है कि अगर अमेरिका ईरान के ऊपर कार्रवाई करता है तो वह छोटी सी या फिर प्रतीकात्मक नहीं होगी. बल्कि कई सप्ताह तक चलने वाला एक बड़ा ऑपरेशन होगा. न्यूज एजेंसी ने व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के हवाले से कहा कि आने वाले वक्त में 90 प्रतिशत तक संभावना है कि अमेरिका हमला कर दे.
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान पर की गई कार्रवाई पिछले माह वेनेजुएला में की गई कार्रवाई से कहीं बड़ा होगा. संभावना है कि इस्राइल भी इसमें अमेरिका का साथ दे. दोनों देशों के हमले का उद्देश्य ईरान के परमाणु और मिसाइल ढांचे हो सकते हैं.
संघर्ष की बहुत ज्यादा आशंका- इस्राइली अधिकारी
इस्राइल की सैन्य खुफिया एजेंसी के पूर्व चीफ आमोस यादलिन का मामले में कहना है कि अब टकराव पहले से कहीं ज्यादा करीब है. हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं. हालांकि, एक महाशक्ति कुछ ही दिनों में युद्ध शुरू नहीं करती. कूटनीतिक रास्ता अब तक पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है. यादलिन का कहना है कि बहुत सारे लोग युद्ध के खिलाफ हैं. पेंटागन को भी अभी स्पष्ट नहीं है कि वह इस कार्रवाई से आखिर हासिल क्या करना चाहते हैं. लेकिन डोनाल्ड ट्रंप बहुत ही पक्के दिख रहे हैं. ट्रंप का एक बयान, जिसमें उन्होंने कहा था कि सभी ऑप्शन्स खुले हैं, अमेरिका की असली सैन्य तैयारियों के बारे में बताता है.
अमेरिका ने बढ़ाई अपनी सैन्य तैनाती
रिपोर्ट की मानें तो मिडिल-ईस्ट में अमेरिका की सैन्य शक्ति काफी ज्यादा बढ़ गई है. दो एयरक्राफ्ट कैरियर के साथ-साथ करीब एक दर्जन युद्धपोत, सैकड़ों फाइटर जेट और कई एयर डिफेंस सिस्टम अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में तैनात कर दिए हैं. अमेरिका अब भी अपने सैन्य उपकरण भेज रहा है. एक रिपोर्ट के अनुसार, 50 से अधिक फाइटर जेट्स में F-35, F-22 और F-16 जैसे घातक लड़ाकू विमान भी शामिल हैं. रिपोर्ट के अनुसार, 150 से अधिक कार्गो विमान हथियार और गोला-बारूद लेकर मिडिल ईस्ट में पहुंची हैं.
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