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अमेरिका और सहयोगी सेनाओं ने सीरिया पर बड़ी कार्रवाई की है. इसे वेनेजुएला के बाद साल का दूसरा बड़ा हमला बताया जा रहा है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इसकी जानकारी दी है. इन हमलों में आतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट (ISIS) के ठिकानों को टार्गेट किया गया है. ये हमले ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक का हिस्सा बताए गए हैं. ये 13 दिसंबर को सीरिया में अमेरिकी सेना पर इस्लामिक स्टेट के घातक हमले का जवाब बताया गया है. सेंट्रल कमांड के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को इन हमलों का​ निर्देश दिया था.
🚨🇺🇸🇸🇾 OPERATION HAWKEYE STRIKE: 20+ US/JORDAN AIRCRAFT HIT 35+ ISIS TARGETS ACROSS SYRIA
— Mario Nawfal (@MarioNawfal) January 10, 2026
Second wave tonight. F-15Es, A-10s, AC-130 gunships, MQ-9 drones, Jordanian F-16s. 90+ precision munitions dropped.
Pentagon pizza spike wasn't lying. This is coordinated war tempo -… https://t.co/WEom04IsmUpic.twitter.com/V20BkQFqAP
इस्लामिक स्टेट के आतंकियों ने 13 दिसंबर को सीरिया में अमेरिकी सेना के ठिकाने पर हमला बोला था. इसमें दो अमेरिकी सैनिक और एक अमेरिकी दुभाषिए समेत तीन लोगों की मौत हो गई थी. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने X पर पर एक पोस्ट में कहा, 'हमारा संदेश साफ है- अगर आप हमारे सैनिकों को नुकसान पहुंचाते हैं. हम आपको ढूढ़ निकालेंगे और दुनिया किसी भी कोने में मार देंगे. चाहे आप न्याय से भागने से कितना प्रयास करें.' इस दौरान जॉर्डन की सेना भी अमेरिका के साथ मिलकर इन हमलों में साथ दे रही थी.
20 से अधिक विमानों ने किया हवाई हमला
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और उसकी सहयोगी सेनाओं ने ऑपरेशन में 35 से अधिक ठिकानों पर 90 से ​​अधिक बम गिराए. इस ऑपरेशन में 20 से अधिक विमानों ने हवाई हमला किया. हमले में F-15E, A-10, AC-130J, MQ-9 (ड्रोन) और जॉर्डन के F-16 जैसे विमानों का इस्तेमाल किया गया. अभी तक इस हमले में मारे गए आतंकियों की संख्या का पता नहीं चल सकता है. अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने शनिवार को एक पोस्ट में कहा कि हम कभी नहीं भूलेंगे और पीछे भी नहीं हटेंगे. दिसंबर में हॉकआई स्ट्राइक का ऐलान किया गया था. उस पर दौरान हमारे अमेरिकी सैनिकों और नागरिकों मार दिया गया था.
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