ट्रंप ने खामेनेई को दी एक और चेतावनी, कहा- फिर वेनेजुएला जैसे एक्शन के लिए तैयार है अमेरिका

ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम को लेकर तुरंत बातचीत की मेज पर नहीं आता, तो अमेरिका का अगला सैन्य कदम पहले से कहीं ज्यादा खतरनाक और निर्णायक होगा.

ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम को लेकर तुरंत बातचीत की मेज पर नहीं आता, तो अमेरिका का अगला सैन्य कदम पहले से कहीं ज्यादा खतरनाक और निर्णायक होगा.

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Dheeraj Sharma
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Trump new threat to khamenei

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उसे खुले शब्दों में चेतावनी दी है. ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम को लेकर तुरंत बातचीत की मेज पर नहीं आता, तो अमेरिका का अगला सैन्य कदम पहले से कहीं ज्यादा खतरनाक और निर्णायक होगा. ट्रंप के मुताबिक हालात बेहद गंभीर हैं और अब समय तेजी से निकलता जा रहा है.

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ट्रुथ सोशल पर ट्रंप का सख्त संदेश

बुधवार को ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लंबा पोस्ट साझा किया. उन्होंने लिखा कि ईरान को ऐसा समझौता करना होगा, जिसमें यह साफ लिखा हो कि वह कभी भी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा. ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने पहले भी ईरान को चेताया था और चेतावनी को नजरअंदाज करने का नतीजा जून में हुए अमेरिकी सैन्य हमले के रूप में सामने आया था. उनका कहना था कि अगर अब भी ईरान नहीं माना, तो अगली कार्रवाई और ज्यादा विनाशकारी होगी.

मिडिल ईस्ट की ओर बढ़ा अमेरिकी नौसैनिक बेड़ा

ट्रंप ने अपने पोस्ट में यह भी खुलासा किया कि अमेरिका का एक विशाल नौसैनिक बेड़ा मिडिल ईस्ट की ओर बढ़ रहा है. उन्होंने इसे अब तक के सबसे बड़े आर्माडा में से एक बताया. ट्रंप के अनुसार इस बेड़े का नेतृत्व शक्तिशाली एयरक्राफ्ट कैरियर ‘अब्राहम लिंकन’ कर रहा है, जो किसी भी स्थिति में तेज और आक्रामक कार्रवाई के लिए तैयार है. उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि यह बेड़ा वेनेजुएला मिशन से भी बड़ा और ज्यादा सक्षम है.

पुराने हमलों का किया जिक्र

अमेरिकी राष्ट्रपति ने जून 2025 में हुए सैन्य ऑपरेशन का भी उल्लेख किया, जिसमें ईरान की कई अहम न्यूक्लियर फैसिलिटीज को निशाना बनाया गया था. ट्रंप ने कहा कि उस ऑपरेशन ने ईरान को भारी नुकसान पहुंचाया था और अगली बार हालात उससे भी ज्यादा भयावह हो सकते हैं.

उन्होंने यह भी दोहराया कि अगर ईरान ने दोबारा अपने परमाणु कार्यक्रम को तेज किया, तो अमेरिका पीछे नहीं हटेगा.

बातचीत से ईरान का इनकार

दूसरी तरफ ईरान की ओर से तनाव कम करने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने साफ कहा है कि अमेरिका के किसी विशेष दूत से हाल के दिनों में कोई बातचीत नहीं हुई है और न ही ईरान ने वार्ता की पहल की है.

नाजुक मोड़ पर हालात

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाजी जिस स्तर पर पहुंच चुकी है, वह मिडिल ईस्ट को एक बार फिर बड़े संघर्ष की ओर धकेल सकती है. दोनों देश फिलहाल पीछे हटने के मूड में नहीं दिख रहे, जिससे वैश्विक राजनीति और सुरक्षा पर गहरा असर पड़ सकता है.

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