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चीन में सेना और संवेदनशील तकनीकी क्षेत्रों से जुड़े अधिकारियों के हनीट्रैप में फंसने की घटनाओं को लेकर चिंता बढ़ गई है. इसी को देखते हुए चीनी सरकार ने रक्षा और टेक्नोलॉजी सेक्टर में काम करने वाले अधिकारियों को सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है. यह चेतावनी उस घटना के बाद आई है, जिसमें एक सरकारी कर्मचारी को विदेश यात्रा के दौरान ब्लैकमेल कर उससे देश के अहम राज हासिल कर लिए गए.
रिपोर्ट से हुआ खुलासा
फर्स्टपोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, चीन की नेशनल एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ स्टेट सीक्रेट्स प्रोटेक्शन ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर एक लेख जारी कर बताया कि सैन्य और उच्च तकनीकी क्षेत्रों से जुड़े लोग लगातार विदेशी खुफिया एजेंसियों के निशाने पर हैं. लेख में कहा गया है कि हनीट्रैप के जरिए अधिकारियों की निजी कमजोरियों का फायदा उठाकर उनसे गोपनीय जानकारी हासिल की जा रही है.
हनीट्रैप के जाल में फंसा था ये चीनी अधिकारी
लेख में ‘गुओ’ नाम के एक व्यक्ति का उदाहरण दिया गया है, जो एक सैन्य कंपनी में काम करता था. विदेश यात्रा के दौरान उसकी मुलाकात एक ऐसे व्यक्ति से हुई, जिसने खुद को बिजनेस प्रतिनिधि बताया. शुरुआत में यह मुलाकात सामान्य लगी, लेकिन असल में यह एक सोची-समझी साजिश थी. गुओ धीरे-धीरे एक महिला जासूस के संपर्क में आया और उनके बीच संबंध बन गए.
Looks like a Chinese defence bod got caught in a honey trap recently.
— Sam (@Discoplomacy) January 16, 2026
“Chinese state security authorities recently warned of “honey trap” risks in the defence and technology sectors, citing a case in which a public official was blackmailed into surrendering state secrets… pic.twitter.com/sFnZe58ZmJ
बाद में उस महिला ने संबंधों को सार्वजनिक करने की धमकी देकर गुओ को ब्लैकमेल किया और विदेशी खुफिया एजेंसी के लिए काम करने को मजबूर कर दिया. इसी दौरान गुओ के जरिए चेन नाम के तकनीकी विशेषज्ञ और ली नाम के एक अन्य कर्मचारी को भी जासूसी नेटवर्क में शामिल कर लिया गया. इन लोगों से सेना और तकनीक से जुड़ी अहम जानकारियां हासिल की गईं.
कड़ी की जाएगी सुरक्षा नियम और निगरानी
इस मामले के सामने आने के बाद चीनी प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की बात कही है. लेख में सुझाव दिया गया है कि विदेश यात्रा पर जाने वाले सरकारी कर्मचारियों के लिए सख्त निगरानी व्यवस्था लागू की जाए. इसमें यात्रा से पहले सुरक्षा जांच, विदेश में लगातार निगरानी और लौटने के बाद निरीक्षण शामिल होगा.
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इसके अलावा कर्मचारियों के सभी विदेशी संपर्कों की जानकारी देना अनिवार्य करने की सिफारिश की गई है. चीन का कहना है कि विदेशी खुफिया एजेंसियां व्यक्तिगत कमजोरियों का फायदा उठाकर उसके रक्षा और तकनीकी क्षेत्रों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं. ऐसे में सरकार ने साफ कर दिया है कि भविष्य में ऐसे मामलों से निपटने के लिए नियम और निगरानी दोनों को और सख्त किया जाएगा.
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