/newsnation/media/media_files/2026/01/04/supermoon-today-14-times-bigger-then-normal-2026-01-04-00-04-10.jpg)
Supermoon
Supermoon: शनिवार रात को साल 2026 का पहला सुपरमून दिखाई दे रहा है. देश भर में लोगों ने बड़ा चांद देखा. चांद का आकार सामान्य से लगभग 14 गुना बड़ा दिखाई दिया. चांद आज से 30 प्रतिशत चमकीला दिखाई दिया. बिना किसी उपकरण के आसानी से सुपरमून को देखा जा सकता है. अगर कोई व्यक्ति दूरबीन या फिर छोटे से टेलिस्कोप का इस्तेमाल करे तो चांद की सतह की बनावट साफ दिख जाएगी. अब साल 2026 के अंत में अगला सुपरमून दिखाई देगा.
चांद पृथ्वी के करीब आ रहा है
सुपरमून तब होता है, जब पृथ्वी और चांद के बीच की दूरी कम हो जाती है, जिस वजह से चांद अधिक बड़ा और चमकीला दिखाई देता है. सुपरमून को देखों तो ऐसा लगता है कि मानों चांद पृथ्वी के नजदीक आ रहा है. चंद्रमा धरती से अधिकतम 4,05,000 किलोमीटर सबसे दूर होता है और 3,63,104 किलोमीटर सबसे करीब होता है.
सुपर मून का खगोलीय नाम सुपरवुल्फ
खगोलीय भाषा में सुपरमून को सुपर वुल्फ मून कहा जाता है. दरअसल, जनवरी की ठंड में उत्तरी गोलार्ध में पहले भेड़ियों की आवाज बहुत सुनाई देती थी. इसी वजह से जनवरी की पूर्णिमा को वुल्फ नाम दिया गया.
अब जानें सुपरमून के बारे में...
सुपरमून एक ऐसी खगोलीय घटना है, जिसमें चांद अपने सामान्य आकार से अधिक बड़ा दिखता है. साल में तीन से चार बार देखा जा सकता है. सुपरमून दिखता क्यों है, ये भी काफी ज्यादा दिलचस्प है. जब चांद धरती का चक्कर लगाते-लगाते धरती की कक्षा के करीब आ जाता है तो उस स्थिति को पेरिजी कहा जाता है. चांद जब धरती से दूर जाता है तो उस स्थिति तो अपोजी कहा जाता है. पहली बार 1979 में एस्ट्रोलॉजर रिचर्ड नोल ने सुपरमून शब्द का इस्तेमाल किया था.
/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)
Follow Us