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ये एआई इमेज है Photograph: (Grok AI)
रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग को 24 फरवरी को चार साल पूरे होने वाले हैं, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश नजर नहीं आ रही है. रविवार तड़के रूस ने यूक्रेन के खिलाफ अब तक के सबसे बड़े हवाई हमलों में से एक को अंजाम दिया. आसमान से बरसती मिसाइलों और ड्रोनों ने न केवल इमारतों को नुकसान पहुँचाया, बल्कि कड़ाके की ठंड झेल रहे आम लोगों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं.
मिसाइलों और ड्रोनों की बारिश
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने बताया कि रूस ने रात भर में करीब 50 मिसाइलें और 300 ड्रोन दागे. कीव में सुबह 4 बजे से ही धमाकों की आवाजें सुनाई देने लगीं. जेलेंस्की के मुताबिक, रूस का मुख्य निशाना यूक्रेन का 'एनर्जी सेक्टर' (बिजली विभाग) और रेलवे नेटवर्क था. इन हमलों में आम लोगों के घरों को भी काफी नुकसान पहुंचा है. राजधानी कीव में तापमान -10 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, और ऐसे समय में बिजली केंद्रों पर हमले होने से छह पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी इलाकों में अंधेरा छा गया है.
जान-माल का नुकसा
पुलिस के अनुसार, इस हमले में 23 साल की एक महिला पुलिसकर्मी, विक्टोरिया शपिल्का की जान चली गई. इसके अलावा, चार बच्चों समेत करीब एक दर्जन लोग घायल हुए हैं. दूसरी ओर, रूसी सेना का कहना है कि उन्होंने केवल उन्हीं ठिकानों को निशाना बनाया है जिनका इस्तेमाल यूक्रेन की सेना कर रही थी.
नेताओं की हत्या की बड़ी साजिश नाकाम
युद्ध के बीच एक और चौंकाने वाली खबर आई है. यूक्रेन और मोल्दोवा की पुलिस ने एक साझा ऑपरेशन में 10 ऐसे लोगों को पकड़ा है, जो कथित तौर पर रूस के इशारे पर यूक्रेन के बड़े नेताओं की हत्या की प्लानिंग कर रहे थे. पकड़े गए लोगों को इस काम के लिए 1 लाख डॉलर (करीब 83 लाख रुपये) देने का वादा किया गया था. तलाशी के दौरान पुलिस को कैश, हथियार और विस्फोटक मिले हैं. दावा किया जा रहा है कि इन लोगों के निशाने पर राष्ट्रपति जेलेंस्की और यूक्रेन के इंटेलिजेंस चीफ जैसे बड़े नाम थे.
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