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रज़ा पहलवी Photograph: (X)
ईरान के कई प्रमुख शहरों में शुक्रवार रात से शनिवार सुबह तक इस्लामिक गणराज्य के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए. बीते दो हफ्तों से जारी यह आंदोलन 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद से सत्ता में रही धार्मिक सरकार के लिए सबसे गंभीर चुनौतियों में से एक माना जा रहा है. सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei ने विरोध प्रदर्शनों पर सख्त रुख अपनाते हुए इसके लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है.
गुरुवार को अब तक के सबसे बड़े प्रदर्शनों के बाद शुक्रवार देर रात एक बार फिर सड़कों पर भीड़ उमड़ी. समाचार एजेंसी एएफपी द्वारा सत्यापित वीडियो और सोशल मीडिया पर प्रसारित फुटेज में राजधानी तेहरान के सआदताबाद इलाके में लोग बर्तन बजाते और सरकार विरोधी नारे लगाते नजर आए. कई वीडियो में कारों के हॉर्न बजाकर प्रदर्शनकारियों के समर्थन का इजहार करते लोग दिखाई दिए.
देशभर में इंटरनेट सेवाएं बंद
यह सब ऐसे समय में हुआ जब सरकार ने देशभर में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दीं. इंटरनेट मॉनिटरिंग संस्था NetBlocks के अनुसार, शनिवार सुबह तक ईरान में लगभग 36 घंटे से पूर्ण इंटरनेट ब्लैकआउट लागू रहा. मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने आशंका जताई है कि इस संचार बंदी का इस्तेमाल दमनात्मक कार्रवाइयों को छिपाने के लिए किया जा सकता है.
सोशल मीडिया पर सामने आए अन्य वीडियो में तेहरान के विभिन्न इलाकों के अलावा मशहद, तबरीज़, क़ुम और पश्चिमी शहर हमेदान में भी प्रदर्शन दिखाई दिए. हमेदान में एक व्यक्ति को आग के बीच ईरान के पूर्व शाह काल का शेर और सूरज वाला झंडा लहराते देखा गया. मशहद के वकीलाबाद इलाके में लोगों ने मुख्य सड़कों पर मार्च करते हुए “खामेनेई मुर्दाबाद” के नारे लगाए, हालांकि इन वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि तुरंत संभव नहीं हो सकी.
रजा पहलवी की अपील
इस बीच अमेरिका में रह रहे पूर्व शाह के बेटे Reza Pahlavi ने शुक्रवार के प्रदर्शनों को “शानदार” बताया. उन्होंने ईरानियों से शनिवार और रविवार को और अधिक संगठित तथा लक्षित विरोध करने की अपील की. एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि लक्ष्य केवल सड़कों पर उतरना नहीं, बल्कि शहरों के केंद्रों पर कब्जा करने की तैयारी करना होना चाहिए. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वह “बहुत निकट भविष्य” में अपने देश लौटने की तैयारी कर रहे हैं.
मौतों के आंकड़े और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
नॉर्वे स्थित Iran Human Rights समूह के अनुसार, अब तक सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कम से कम 51 लोगों की मौत हो चुकी है. नोबेल शांति पुरस्कार विजेता Shirin Ebadi ने चेतावनी दी है कि इंटरनेट बंदी की आड़ में बड़े पैमाने पर हिंसा हो सकती है.
सरकार का दावा है कि झड़पों में सुरक्षा बलों के कई सदस्य भी मारे गए हैं. खामेनेई ने अपने हालिया भाषण में प्रदर्शनकारियों को “उपद्रवी” करार देते हुए कहा कि इस्लामिक गणराज्य किसी भी दबाव में पीछे नहीं हटेगा. वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि ईरान “बड़ी मुसीबत” में है और चेतावनी दी कि यदि गोलीबारी हुई तो अमेरिका भी जवाब देगा.
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